Ghazipur: करीमुद्दीनपुर महिला पिटाई प्रकरण में एसपी की बड़ी कार्रवाई, उपनिरीक्षक और महिला आरक्षी निलंबित, कार्यवाही से पुलिस विभाग में हड़कंप
ख़बर भारत डेस्क

- महिला पिटाई प्रकरण में एसपी डॉ. ईराज रज़ा की त्वरित कार्रवाई
- उपनिरीक्षक शाहिद सिद्दीकी और महिला आरक्षी अंकिता यादव निलंबित
- सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मामला पहुंचा एसपी तक
- पुलिस महकमे में हड़कंप, विभागीय जांच के आदेश जारी
गाजीपुर। करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के गडंप्पा गांव में महिला के साथ कथित पुलिस पिटाई के मामले ने अब बड़ा रूप ले लिया है। इस घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामला जब पुलिस अधीक्षक डॉ. ईराज रज़ा के संज्ञान में पहुंचा, तो उन्होंने तत्परता दिखाते हुए जांच कराई और प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए दो पुलिसकर्मियों पर तुरंत निलंबन की कार्रवाई कर दी।
थाने में महिला से मारपीट का आरोप, अस्पताल में भर्ती — पुलिस पर लापरवाही का गंभीर सवाल
मिली जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले गडंप्पा गांव की गुनिया देवी नामक महिला ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने उसे एक प्रेम प्रसंग से जुड़े मामले की पूछताछ के नाम पर थाने ले जाकर मारपीट की। महिला के परिजनों का कहना था कि पूछताछ के दौरान थाने में पुरुष पुलिसकर्मियों ने उसे पीटा और उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे छोड़कर चले गए। बाद में परिजनों ने उसे गाजीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत नाजुक बताई गई थी।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच की मांग की। मामला बढ़ता देख एसपी डॉ. ईराज रज़ा ने जांच के आदेश दिए और मामले की पूरी रिपोर्ट तलब की।
जांच में उपनिरीक्षक शाहिद सिद्दीकी और महिला आरक्षी अंकिता यादव की भूमिका संदिग्ध पाई गई। दोनों पर पूछताछ के दौरान लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप साबित हुए। इसके बाद एसपी ने दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
एसपी डॉ. रज़ा ने कहा कि “किसी भी स्थिति में महिला के साथ दुर्व्यवहार या नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिसकर्मी जनता की सुरक्षा और सेवा के लिए हैं, न कि भय उत्पन्न करने के लिए।” उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच कराई जाए और दोषियों पर आगे सख्त कार्रवाई की जाए।

इस कार्रवाई के बाद जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। कई थानों में इस घटना को लेकर चर्चाएं जारी हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि किसी भी पूछताछ या हिरासत के दौरान महिलाओं के साथ केवल महिला पुलिसकर्मी ही मौजूद रहें और कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया जाए।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एसपी की तत्पर कार्रवाई की सराहना की और कहा कि इससे पुलिस की छवि को सुधारने में मदद मिलेगी तथा आम जनता में न्याय की उम्मीद बढ़ेगी।




