
~ एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान नारी शक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल”–डॉ. नीलकंठ तिवारी
~ जनपद में 14 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों हेतु एचपीवी वैक्सीन अभियान का शुभारम्भ
~ मॉडल टीकाकरण केंद्र का भी किया गया शुभारंभ
वाराणसी: जनपद में 14 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन अभियान का शुभारंभ शनिवार को पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी द्वारा श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय जिला चिकित्सालय, कबीरचौरा, वाराणसी से किया गया। इसी अवसर पर एक मॉडल टीकाकरण केंद्र का भी उद्घाटन किया गया।
मौके पर संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान नारी शक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि जब परिवार में कोई महिला कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित होती है, तो पूरा परिवार मानसिक एवं आर्थिक रूप से प्रभावित होता है और परिवार के विकास पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। डॉ. तिवारी ने कहा कि सरकार समाज के प्रत्येक व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी क्रम में समय-समय पर निरोधात्मक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश प्रसाद ने बताया कि एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है। एचपीवी वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से प्रभावी सुरक्षा प्रदान करती है और किशोरियों में भविष्य में कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम कर देती है। यह वैक्सीन सुरक्षित एवं वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है तथा प्रारंभिक आयु में टीकाकरण से अधिक मजबूत प्रतिरक्षा विकसित होती है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एस.एस. कन्नौजिया ने जानकारी दी कि यह वैक्सीन उन किशोरियों को लगाई जाएगी जिन्होंने 14 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं तथा जिनका 15वां जन्मदिन अभी नहीं हुआ है। अभियान के बाद इस आयु वर्ग की किशोरियों को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत भी यह टीका उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश प्रसाद ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी 14 वर्ष आयु वर्ग की पुत्रियों का एचपीवी टीकाकरण इस अभियान के दौरान अवश्य कराएं, ताकि भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश प्रसाद, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एस.एस. कन्नौजिया, सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि, अन्य चिकित्साधिकारी एवं स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।
यह अभियान वाराणसी जिले में किशोरियों के स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल मानी जा रही है।




