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UP में वोटर लिस्ट ‘क्लीन-अप’ का महाअभियान: 22 फरवरी को 3 घंटे में दुरुस्त होगी आपकी पहचान

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के सख्त निर्देश: रविवार को प्रदेश के सभी बूथों पर तैनात रहेंगे BLO, लापरवाही पर गिरेगी गाज

रिपोर्ट: श्रुति।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावी तैयारियों को धार देते हुए निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिहीन और पारदर्शी बनाने के लिए कमर कस ली है। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने राज्य के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत 22 फरवरी 2026 (रविवार) को पूरे प्रदेश में एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दिन सुबह 10:30 बजे से दोपहर 01:30 बजे तक सभी बूथ लेवल अधिकारी (BLO) अपने-अपने केंद्रों पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे, ताकि मतदाता अपने पहचान पत्र से जुड़े किसी भी दावे या आपत्ति का मौके पर ही निस्तारण करा सकें।

लोकतंत्र की बुनियाद को पारदर्शी बनाने पर ज़ोर

इस विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाना है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची ही लोकतंत्र की सबसे बुनियादी इकाई है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर त्रुटि या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) और सहायक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस तीन घंटे की अवधि में होने वाले कार्यों की सूक्ष्म निगरानी करें। आयोग का लक्ष्य है कि इस अभियान के माध्यम से डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं के नाम पूरी तरह हटाकर एक ‘क्लीन और अपडेटेड’ डेटाबेस तैयार किया जाए।

युवा मतदाताओं और सुधार के लिए विशेष अवसर

प्रशासन ने विशेष रूप से उन युवाओं से अपील की है जिनकी आयु 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूर्ण हो रही है। ऐसे नए मतदाता इस विशेष कैंप का लाभ उठाकर अपना नाम लिस्ट में शामिल करा सकते हैं। इसके साथ ही, यदि किसी पुराने मतदाता के नाम, पते या अन्य विवरण में कोई मानवीय भूल हुई है, तो वे भी रविवार को बूथ पर जाकर सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं। आयोग का मानना है कि इस सक्रिय भागीदारी से न केवल डेटा एंट्री की गलतियाँ कम होंगी, बल्कि एक भी पात्र नागरिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया से वंचित नहीं रहेगा।

डिजिटल निगरानी और प्रशासनिक सतर्कता

अभियान को फुलप्रूफ बनाने के लिए तहसील और जिला स्तर पर विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो रविवार को बूथों का औचक निरीक्षण करेंगी। खास बात यह है कि इस बार डिजिटल प्लेटफॉर्म्स जैसे ‘वोटर हेल्पलाइन ऐप’ और ‘नेशनल वोटर सर्विस पोर्टल’ (NVSP) पर भी ज़ोर दिया जा रहा है। बीएलओ न केवल फिजिकल फॉर्म स्वीकार करेंगे, बल्कि ऑनलाइन आवेदनों का मौके पर ही सत्यापन भी करेंगे। इससे मतदाताओं को तुरंत डिजिटल पावती (Acknowledgement) मिल सकेगी और पूरी प्रक्रिया में तेज़ी आएगी।

 

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