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उदय प्रताप कॉलेज में छात्र की गोली मारकर हत्या, कैंपस में बवाल, तोड़फोड़ और प्रदर्शन, हालात काबू करने में जुटी पुलिस, कई थानों की फोर्स तैनात

नीरज सिंह, वाराणसी

– यूपी कॉलेज में छात्र के दो गुटों में मारपीट
– मारपीट के दौरान छात्र को लगी गोली
– सूर्या सिंह नामक छात्र की गोली लगने से हुई मौत
– कैंपस में छात्रों का उग्र प्रदर्शन
– मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद
– माहौल शांत कराने में जुटी पुलिस
– महाविद्यालय के खिलाफ छात्रों का जबरदस्त गुस्सा
– छात्रों द्वारा कैंपस व आस-पास किया गया तोड़फोड़
– वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र के यूपी कॉलेज का मामला
– शिवपुर थाना सहित वाराणसी के आधा दर्जन से ज्यादा थाने की फोर्स व पीएसी बल मौके पर पहुंची

 

 

वाराणसी के उदय प्रताप डिग्री कॉलेज में शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे एक छोटे से विवाद ने खूनी रूप ले लिया। सामाजिक विज्ञान संकाय के बरामदे में असाइनमेंट जमा करने की लाइन में खड़े बीए (गणित) चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र सूर्यप्रताप सिंह पर अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग हो गई। कुल पांच राउंड गोलियां चलीं, जिनमें से तीन सीधे सूर्यप्रताप के सीने पर लगीं। घटना के समय सूर्यप्रताप के दो साथी भी मौजूद थे, जिन पर भी फायरिंग की कोशिश की गई।

सूर्यप्रताप सिंह गाजीपुर जिले के दुबैथा गांव के रहने वाले थे। वह नियमित रूप से कालेज आते थे और उस दिन भी सुबह की क्लास के लिए पहुंचे थे। गोली लगने के तुरंत बाद वह खून से लथपथ जमीन पर गिर पड़े। उनकी किताबें और कॉपियां बिखर गईं। घायल छात्र को पहले सिंह मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताई। फिर उन्हें बीएचयू ट्रांसफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

आरोपित छात्र और हमले का कारण

पुलिस और मौके पर मौजूद छात्रों के अनुसार, हमले का मुख्य आरोपी चांदमारी इलाके का रहने वाला मंजीत चौहान है, जो एमए सेकंड ईयर का छात्र है। उसके साथ एमए सेकंड ईयर का ही दूसरा छात्र अनुज सिंह भी शामिल था। दोनों पर पहले से ही सूर्यप्रताप सिंह के साथ पुराना विवाद था। मंजीत ने करीब से फायरिंग की और घटना के तुरंत बाद पिस्तौल को पास ही कूड़े में फेंककर दोनों आरोपी फरार हो गए। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, कुल चार से पांच गोलियां चलाई गईं।

छात्रों का आक्रोश और प्रदर्शन

मृतक छात्र की मौत की खबर फैलते ही पूरा कालेज परिसर सन्नाटे में डूब गया। आक्रोशित छात्रों ने मुख्य गेट बंद कर दिया और सड़क पर उतर आए। उन्होंने आसपास की दुकानों को जबरन बंद कराया और कुछ जगहों पर तोड़फोड़ भी की। छात्रों ने प्राचार्य के इस्तीफे की मांग की और आरोप लगाया कि घटना के समय प्राचार्य समेत कई अध्यापक मौके पर मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी रोकने की कोशिश नहीं की।

छात्रों ने कहा, “जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, हम मुख्य द्वार पर शांतिपूर्ण धरना जारी रखेंगे।” प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी और हंगामा काफी देर तक जारी रहा।

पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। डीसीपी प्रमोद कुमार भारी फोर्स के साथ पहुंचे, उन्होंने बताया कि गोली सीने में लगी थी और स्थिति गंभीर थी। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल भी तुरंत परिसर पहुंचे। उन्होंने छात्रों को समझाया कि अपना करियर खराब न करें और आश्वासन दिया कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं। आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है। पुलिस कमिश्नर ने कालेज प्रशासन के साथ बैठक की और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और गश्त बढ़ा दी गई है।

कालेज परिसर में सुरक्षा की चिंता, पहले भी कई बार हो चुकी है ऐसी घटना

यह घटना उदय प्रताप डिग्री कॉलेज में पहली बार नहीं हुई है, लेकिन इस बार की हिंसा ने सभी को झकझोर दिया है। स्थानीय छात्रों और निवासियों का कहना है कि परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त बनाने की जरूरत है। कालेज प्रशासन ने भी गहरी चिंता जताई है और छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया है।

ख़बर लिखे जाने तक पुलिस को कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन जांच तेजी से चल रही है। परिसर को तुरंत खाली करा लिया गया था ताकि कोई और अनहोनी न हो। छात्रों का प्रदर्शन जारी है, लेकिन पुलिस लगातार उन्हें समझाने और शांत रखने की कोशिश में जुटी हुई है। पूरे मामले में कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।

यह घटना वाराणसी के शिक्षा केंद्र में छात्र जीवन की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ने वाली है।

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