Varanasi: सेवापुरी के तेंदुई हाथी बाजार में उत्साहपूर्ण ढंग से मनाई गई माता सावित्रीबाई फुले की जयंती
विशाल कुमार, वाराणसी

वाराणसी जिले के सेवापुरी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तेंदुई हाथी बाजार में दिनांक 4 जनवरी 2026, रविवार को भीम आर्मी वाराणसी यूनिट ने बड़ी ही श्रद्धा और जोश के साथ भारत की प्रथम महिला शिक्षिका माँ सावित्रीबाई फुले की जयंती बड़े ही धूमधाम से मनाई।
माँ सावित्रीबाई के जीवन और योगदान पर गहन चर्चा
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने माता सावित्रीबाई फुले के अदम्य साहस, सामाजिक संघर्ष और शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उस युग में जब महिलाओं और दलित वर्ग को शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार तक नहीं था, तब सावित्रीबाई जी ने अपने पति महात्मा ज्योतिबा फुले के साथ मिलकर 1848 में देश का पहला बालिका विद्यालय स्थापित किया।

वक्ताओं ने विशेष रूप से जोर दिया कि सामाजिक रूढ़ियों, तानों, पथराव और अत्याचारों के बावजूद उन्होंने शिक्षा की ज्योति को कभी मंद नहीं पड़ने दिया। विधवा विवाह को प्रोत्साहन, बाल विवाह के विरुद्ध आवाज, छुआछूत उन्मूलन और शोषित-पीड़ित वर्गों के उत्थान के लिए उनका जीवनभर का संघर्ष आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।
प्रमुख पदाधिकारियों की मौजूदगी
इस ऐतिहासिक आयोजन में भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं सक्रिय कार्यकर्ता शामिल हुए। मुख्य रूप से सदानंद प्रसाद (मंडल कोषाध्यक्ष, भीम आर्मी वाराणसी), संदीप बाबा (युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष, आजाद समाज पार्टी वाराणसी), राजू भारती (जिला संयोजक, भीम आर्मी वाराणसी), शिव प्रसाद (सहसंयोजक), सुरेश भारती (जिला कार्यकारिणी सदस्य), सत्य प्रकाश त्यागी (अध्यक्ष, ASP युवा मोर्चा – पिंडरा विधानसभा), प्रदुम कुमार (युवा मोर्चा अध्यक्ष, ASP शिवपुर विधानसभा), ओमप्रकाश सिंह बेरिहा (अध्यक्ष, भीम आर्मी महानगर वाराणसी) सहित अन्य कई कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में शिरकत की।

संकल्प के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने माँ सावित्रीबाई फुले को हृदय से कोटि-कोटि प्रणाम किया और उनके द्वारा दिए गए नारी सशक्तिकरण, शिक्षा प्रसार एवं सामाजिक समानता के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का दृढ़ संकल्प लिया।
यह आयोजन न केवल स्मृति में, बल्कि सामाजिक जागरूकता और बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।




