VB-G RAM G विधेयक के खिलाफ वाराणसी में किसानों-मजदूरों का हुंकार, राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन
मनरेगा को संवैधानिक अधिकार बताते हुए साझा संस्कृति मंच के नेतृत्व में शास्त्री घाट पर जोरदार प्रदर्शन, विधेयक की प्रतियां जलाकर जताया विरोध

~ VB-G RAM G विधेयक के खिलाफ वाराणसी में किसानों-मजदूरों का हुंकार, राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन
~ मनरेगा को संवैधानिक अधिकार बताते हुए साझा संस्कृति मंच के नेतृत्व में शास्त्री घाट पर जोरदार प्रदर्शन, विधेयक की प्रतियां जलाकर जताया विरोध
वाराणसी, 19 दिसंबर 2025। विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM G विधेयक के खिलाफ वाराणसी में किसानों, मजदूरों और सामाजिक संगठनों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। साझा संस्कृति मंच के नेतृत्व में शास्त्री घाट (वरुणापुल कचहरी) पर आयोजित जनसभा में ग्रामीण इलाकों से आए सैकड़ों किसान, मजदूर, महिलाएं और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने इस विधेयक को मजदूर विरोधी बताते हुए कहा कि यह ग्रामीण भारत के अधिकारों पर सीधा हमला है। प्रदर्शनकारियों ने विधेयक की प्रतियां जलाकर प्रतीकात्मक विरोध जताया और केंद्र सरकार के खिलाफ तीखी नारेबाजी की। इसके बाद एक रैली निकाली गई, जो जिला मुख्यालय तक पहुंची, जहां जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
वक्ताओं ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण भारत के लिए केवल एक योजना नहीं, बल्कि एक संवैधानिक अधिकार है। कोविड-19 जैसे संकट के समय मनरेगा ने करोड़ों गरीब परिवारों को भुखमरी से बचाया। नए VB-G RAM G विधेयक से रोजगार की सार्वभौम गारंटी समाप्त हो जाएगी, बजट सीमित कर दिया जाएगा और कार्यक्षेत्र केंद्र सरकार की अधिसूचना पर निर्भर हो जाएगा। इससे पंचायतों की स्वायत्तता कमजोर होगी और सत्ता का केंद्रीकरण बढ़ेगा।
ज्ञापन में उठाई गई प्रमुख मांगें:
- मनरेगा में महात्मा गांधी का नाम यथावत रखा जाए।
- VB-G RAM G विधेयक को संसद की स्थायी समिति को भेजा जाए।
- अधिसूचना के जरिए क्षेत्रों को सीमित करने का प्रावधान वापस लिया जाए।
- खेती के मौसम में 60 दिन का ब्लैकआउट पीरियड समाप्त किया जाए।
- बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण को अनिवार्य न बनाया जाए।
- मजदूरी का वित्तीय बोझ राज्यों पर न डाला जाए।
- पंचायतों की स्वायत्तता को पूरी तरह बहाल किया जाए।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि यह विधेयक वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान हाथों में तख्तियां और प्लेकार्ड्स लिए लोग “मनरेगा में गांधी का नाम नहीं हटेगा”, “रोजगार गारंटी लागू करो” और “कॉर्पोरेट राज वापस जाओ” जैसे नारे लगाते नजर आए।
सभा में आशा राय, अनिता, सोनी, मनीषा, रेनू सरोज, वंदना, पूजा, झुला रामजनम, अफलातून, डॉ. आनंद प्रकाश तिवारी, नंदलाल मास्टर, रंजू, रामधीरज, एकता, रवि, संध्या सिंह, धनंजय, रौशन, शाश्वत, जितेंद्र, ईश्वर चंद्र, अर्पित, दिवाकर, राजेश, गौरव, सुमन, मुस्तफा, नीति पंचमुखी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।




