VDA जोनल अधिकारी शिवाजी मिश्रा पर घूस मांगने का गंभीर आरोप, VC ने निलंबन के लिए शासन को लिखा पत्र
शमन मानचित्र के एवज में दो लाख रुपये की मांग, जांच में आरोप सिद्ध

नीरज सिंह, वाराणसी
~ VDA जोनल अधिकारी शिवाजी मिश्रा पर घूस मांगने का गंभीर आरोप, VC ने निलंबन के लिए शासन को लिखा पत्र
~ अवैध निर्माण से कमाए अकूत संपत्ति
~ शमन मानचित्र के एवज में दो लाख रुपये की मांग, जांच में आरोप सिद्ध
~ फील्ड सुपरवाइजर ने कबूला 60 हजार रुपये लेना, नौकरी से निकाला गया
~ भ्रष्ट चालक पर भी कार्रवाई की तैयारी, अन्य भ्रष्ट अधिकारियों की जांच जारी
वाराणसी। वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) के जोन-1 के जोनल अधिकारी (सहायक अभियंता) शिवाजी मिश्रा पर भवन शमन मानचित्र पास करने के बदले दो लाख रुपये घूस मांगने का आरोप लगा है। शिकायत मिलने के बाद वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने स्वयं जांच की, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद उपाध्यक्ष ने शिवाजी मिश्रा को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए उन्हें निलंबित करने की सिफारिश शासन को भेज दी है।

इस मामले में आउटसोर्सिंग फील्ड असिस्टेंट लाल बहादुर पटेल को भी दोषी पाया गया। उसने 60 हजार रुपये की पहली किस्त ली थी, जिसे जोनल अधिकारी तक पहुंचाया गया। पटेल को तत्काल प्रभाव से सेवा से हटा दिया गया है। वहीं, जोनल अधिकारी के निजी चालक मोनू पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उपाध्यक्ष ने साफ कहा है कि भ्रष्टाचार में लिप्त अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों की जांच चल रही है और जल्द ही उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी।
पवित्र नगरी वाराणसी में शहर के सुनियोजित विकास की जिम्मेदारी संभालने वाला वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) खुद भ्रष्टाचार और अवैध निर्माणों की मिलीभगत के आरोपों से घिरा हुआ है। जहां एक तरफ वीडीए अवैध प्लॉटिंग और बिना नक्शे के भवनों पर बुलडोजर चलाकर सख्ती दिखाता है, वहीं उसके कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों पर पैसे लेकर नियमों को ताक पर रखने और अवैध निर्माणों को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। हाल के वर्षों में घूस लेते रंगे हाथों पकड़े गए अधिकारी, मिलीभगत से फलती-फूलती अवैध कॉलोनियां और बार-बार सामने आने वाले भ्रष्टाचार के मामले बताते हैं कि ईमान की कीमत पर शहर की व्यवस्थित छवि को खतरा पैदा हो रहा है। क्या वीडीए वाकई विकास का प्राधिकरण है या कुछ लोग इसे निजी लाभ का जरिया बना रहे हैं?

शिकायतकर्ता ने खोली पोल
शिवपुर क्षेत्र के आर्यनगर छतरीपुर निवासी शिवांग श्रीवास्तव ने वीडीए उपाध्यक्ष से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई। उनके अनुसार, 227.02 वर्ग मीटर क्षेत्र में हुए निर्माण के शमन मानचित्र के लिए जोनल अधिकारी शिवाजी मिश्रा ने दो लाख रुपये की घूस मांगी थी। तीन सितंबर को फील्ड असिस्टेंट लाल बहादुर पटेल के माध्यम से 60 हजार रुपये की पहली किस्त दे दी गई।
बाकी राशि के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। स्टिल्ट प्लस दो मंजिला निर्माण चल रहा था, लेकिन शमन मानचित्र जमा होने के बावजूद उसे पास नहीं किया गया। इससे भवन मालिक को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ी।
जांच में सामने आई सच्चाई
जांच के दौरान फील्ड असिस्टेंट लाल बहादुर पटेल ने कबूल किया कि जोनल अधिकारी के निर्देश पर ही दो लाख रुपये की मांग की गई थी। पहली किस्त के 60 हजार में से 10 हजार रुपये उसने खुद रख लिए और बाकी 50 हजार रुपये चालक मोनू के जरिए जोनल अधिकारी के घर भिजवाए। चालक ने भी इसकी पुष्टि की। प्रथम दृष्टया दोष सिद्ध होने पर उपाध्यक्ष ने जोनल अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी और निलंबन के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा।
घूसखोरों के खिलाफ सख्त चेतावनी
उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने सभी अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ बैठक कर ईमानदारी से काम करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद कुछ लोग विभाग की छवि खराब कर रहे हैं। उन्होंने आमजन से अपील की है कि अवैध प्लाटिंग, निर्माण, शमन मानचित्र या किसी अन्य कार्य के लिए यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी घूस मांगे तो सीधे उनसे शिकायत करें। ऐसी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
“चेतावनी के बाद भी शिवाजी मिश्रा भ्रष्टाचार में लिप्त रहे। जांच में आरोप सही पाए जाने पर निलंबन की सिफारिश की गई है। फील्ड असिस्टेंट को हटा दिया गया और चालक के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू हो गई है।” – पुर्ण बोरा, उपाध्यक्ष, वाराणसी विकास प्राधिकरण
वाराणसी विकास प्राधिकरण जोन-1 के जोनल अधिकारी शिवजी मिश्रा के संरक्षण में हो रहा कई अवैध निर्माणों
सूत्रों का दावा है कि पैसे के लेन-देन के बदले नियमों को नजरअंदाज कर कई जगहों पर धड़ल्ले से अवैध भवन खड़े हो रहे हैं। हालांकि, आधिकारिक रिकॉर्ड में शिवाजी मिश्रा के नेतृत्व में कई अवैध निर्माणों पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाइयां दर्ज हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर शिकायतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं।
प्रमुख आरोपों की सूची:
1. आजाद नगर कॉलोनी (वीडीए उपाध्यक्ष कार्यालय से महज चंद कदम दूर)
एक ही जगह पर चार अवैध निर्माण पिछले एक साल से जारी हैं। पहले इन पर सीलिंग और नोटिस की कार्रवाई हुई थी, लेकिन निर्माण रुका नहीं। आरोप है कि जूनियर इंजीनियर रोहित कुमार और जोनल अधिकारी शिवाजी मिश्रा की मिलीभगत से पैसे लेकर इनको छूट दी जा रही है।



2. शिवपुर के सेंट जोसेफ स्कूल के पास
जी+ टू स्वीकृत व्यावसायिक भवन का निर्माण अवैध रूप से जी+ 4 तक पहुंच गया। शिकायतों के बावजूद केवल खानापूर्ति वाली कार्रवाई हुई, जबकि आरोप शिवाजी मिश्रा के संरक्षण का है।


3. फुलवरिया नदी किनारे
वरुणा नदी के आसपास के क्षेत्र में 6 मंजिला अवैध भवन का निर्माण धड़ल्ले से चल रहा है। नदी किनारे हरित पट्टी और डूब क्षेत्र में सख्त नियमों के बावजूद कार्रवाई न होना सवाल खड़े कर रहा है।

4. वरुणा पुल के पास आशियाना चौराहा पर अवैध निर्माण
व्यावसायिक भवन पहले ही सील और नोटिस किया जा चुका है, फिर भी अवैध निर्माण जारी है। धड़ाधड़ काम चलने से स्थानीय लोग परेशान हैं।

5. अर्दली बाजार और उसकी तंग गलियों में
कई अवैध निर्माण चल रहे हैं, जिनकी जानकारी जोनल अधिकारी को है, लेकिन आरोप है कि पैसे लेकर कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा।
6. महावीर मंदिर से यूपी कॉलेज मार्ग
पतली गलियों में मानकों को ताक पर रखकर अवैध निर्माण हो रहे हैं, जिन पर नजर नहीं डाली जा रही या यूं कहें कि माया ने आंखों पर पर्दा डाल रखा है।
7. जिला जेल के सामने कई अवैध निर्माण
मकबूल आलम रोड पर स्थित जिला जेल के ठीक सामने मानक के विपरीत हो रहा है अवैध निर्माण, वही अंदर गली में 7 मंजिल भवन का भी निर्माण अवैध तरीके से किया रहा है।


8. चांदमारी के TFC के आस पास बिना नक़्शे के चल रहे कि अस्पताल
ट्रेड फेसिलिटेड सेंटर के आस पास कई अस्पताल, व्यावसायिक व आवासीय भवन का जोनल शिवाजी मिश्रा द्वारा बिना नक़्शे के करा दिया अवैध निर्माण
9. खजुरी से पांडेयपुर रोड की गली में हो रहा अवैध निर्माण
खजुरी पेट्रोल पंप के सामने सुधाकर मार्ग पर शक्ति शाइन अपार्टमेंट के बगल की गली में मानक के विपरीत हो रहा है अवैध निर्माण।

मानक विपरीत कई निर्माण चल रहे हैं, कई शिकायतें भी हुए लेकिन बस कार्रवाई का इंतजार है।
ये आरोप गंभीर हैं और शहर की व्यवस्थित विकास योजनाओं पर सवाल उठाते हैं। वीडीए की ओर से अवैध निर्माणों पर सख्ती के दावे तो लगातार किए जा रहे हैं, लेकिन यदि ये शिकायतें सही साबित हुईं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी जांच और कार्रवाई की जरूरत है। आमजन से अपील है कि ऐसी किसी भी मिलीभगत या अवैध गतिविधि की जानकारी सीधे वीडीए उपाध्यक्ष या उच्च अधिकारियों तक पहुंचाएं। शहर का विकास सभी की साझा जिम्मेदारी है।




