शिकायतें दरकिनार, निर्माण जारी: VDA अधिकारी शिवाजी मिश्रा पर अवैध निर्माण को संरक्षण देने का गंभीर आरोप
सील तोड़कर जारी रहा G+2 के जगह G+4 निर्माण, शिकायतों के बाद भी जोनल अधिकारी, JE ने नहीं की कार्यवाही, शिवपुर पुलिस पर भी मिलीभगत का गंभीर आरोप

✒️नीरज सिंह, वाराणसी
~ VDA जोनल अधिकारी शिवाजी मिश्रा पर गंभीर आरोप, सील भवन में ही G+2 की जगह G+4 का कराया गया अवैध निर्माण
~ सील तोड़कर जारी रहा G+4 निर्माण, शिकायतों के बाद भी जोनल अधिकारी, JE ने नहीं की कार्यवाही, शिवपुर पुलिस पर भी मिलीभगत का गंभीर आरोप
वाराणसी में सुनियोजित विकास की जिम्मेदारी जिस वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) पर है, उसी के अधिकारियों पर अवैध निर्माण को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। VDA जोन-1 के जोनल अधिकारी शिवाजी मिश्रा पर एक बार फिर सील किए गए भवन में अवैध निर्माण कराए जाने का मामला सामने आया है, जिसने प्राधिकरण की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

मामला शिवपुर थाना क्षेत्र के वार्ड–शिवपुर, मौजा–भरलाई का है, जहां सेंट जोसेफ स्कूल के पास मानकों के विपरीत निर्माण किया गया। जानकारी के अनुसार, सुशील सिंह नामक व्यक्ति द्वारा जी+2 तल का मानचित्र स्वीकृत कराया गया था, लेकिन सेटबैक और रोड वायडनिंग के नियमों को ताक पर रखते हुए पहले जी+3 का निर्माण कराया और फिर अब जी+4 तक निर्माण करा लिया गया। इस दौरान VDA को कई शिकायतें की गईं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता होती रही।

VDA के रिकॉर्ड के अनुसार, पूर्व में शमन मानचित्र दाखिल किए जाने के बाद भी निर्माण कार्य जारी रखा गया। इसके बाद उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 की सुसंगत धाराओं के तहत नोटिस जारी कर पक्ष को सुनवाई का अवसर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद अवैध निर्माण नहीं रुका। अंततः 24 सितंबर 2025 को भवन को सील किया गया। इस कार्रवाई के दौरान जोनल अधिकारी शिवाजी मिश्रा, अवर अभियंता रोहित कुमार, प्रवर्तन दल और सुपरवाइजर मौके पर मौजूद रहे।

हालांकि, सील की यह कार्रवाई महज कागजी साबित हुई। आरोप है कि केवल दो दिन बाद, 26 सितंबर 2025 को सील तोड़कर न सिर्फ उसे पेंट कर ढक दिया गया, बल्कि चौथे तल का निर्माण कार्य दोबारा शुरू करा दिया गया। महीने भर यह निर्माण चलता रहा, इसकी शिकायत व्यक्तिगत रूप से जोनल अधिकारी शिवाजी मिश्रा से होती रही लेकिन उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि “हमने तो सील कर दिया है, शिवपुर पुलिस की अभीरक्षा में दे दिया गया है, अब पुलिस देखे।”
इसके बाद जब शिवपुर थाने में शिकायत की गई तो थाना प्रभारी ने भी सिर्फ “देखते हैं” कहकर मामला टाल दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की कथित कृपा से निर्माण कार्य बेरोकटोक चलता रहा और चौथे तल का निर्माण भी पूरा कर लिया गया।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह अवैध निर्माण पर VDA के अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं। आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि इस पूरे मामले में जोनल अधिकारी से लेकर जेई तक की मिलीभगत है और स्थानीय पुलिस भी मूकदर्शक बनी हुई है।
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वीडीए उपाध्यक्ष के आवास के पास ही हो रहे कई व्यावसायिक अवैध निर्माण, शिकायत पर हो रही लीपापोती
वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के आवास से महज चंद कदमों की दूरी पर कई ऐसे निर्माण कार्य चल रहे हैं, जो पिछले लगभग एक वर्ष से लगातार जारी हैं। इन निर्माणों को लेकर बार-बार शिकायतें भी की गईं, लेकिन जोनल अधिकारी शिवाजी मिश्रा द्वारा कार्रवाई के नाम पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
1. खजूर पेट्रोल पंप के पीछे, हैप्पी होम इंग्लिश स्कूल के ठीक बगल में एक बड़ा व्यावसायिक निर्माण पिछले करीब एक साल से चोरी-छिपे लगातार किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद यहां सिर्फ औपचारिक लीपापोती की गई और निर्माण कार्य जारी रहा।

2. इसी निर्माण के ठीक सामने 10–12 फीट चौड़े रास्ते पर एक अन्य भवन का निर्माण किया गया है, जहां नियमों की अनदेखी करते हुए नीचे पांच शटर वाली दुकानें तक बना दी गई हैं। इस निर्माण को लेकर भी शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक किसी प्रकार की प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

3. इसी भवन से सटे एक अन्य मकान के ऊपर भी एक अतिरिक्त फ्लोर का निर्माण कार्य चल रहा है, जो मानकों के विपरीत बताया जा रहा है। इसके बावजूद निर्माण बिना रोक-टोक जारी है।

4. हैप्पी होम इंग्लिश स्कूल वाली लेन में चार-पांच मकान आगे एक और निर्माण कार्य किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार इस भवन का मानचित्र केवल G+2 का स्वीकृत है, लेकिन मौके पर तीसरे फ्लोर का निर्माण कराया जा रहा है। यह प्लॉट कॉर्नर पर स्थित होने के बावजूद न तो रोड वायडनिंग के लिए जगह छोड़ी गई है और न ही आवश्यक सेटबैक का पालन किया गया है, जो पूरी तरह से मानकों के विपरीत अवैध निर्माण की श्रेणी में आता है।

गौरतलब है कि VDA के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा अपनी सख्त और ईमानदार छवि के लिए जाने जाते हैं और अवैध निर्माण के खिलाफ कड़ा रुख रखते हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब उनके ही विभाग के अधिकारी नियमों की धज्जियां उड़ाने में लगे हों, तो शहर में अवैध निर्माण पर प्रभावी रोक कैसे लग पाएगी।
अब देखना यह है कि इस गंभीर मामले में VDA उच्चाधिकारियों द्वारा क्या ठोस कार्रवाई की जाती है या फिर यह मामला भी नोटिस नोटिस खेलते हुए फाइलों में दबकर रह जाएगा।




