Chandauli

डीडीयू जंक्शन पर यात्रियों से वसूले जा रहे मनमाने दाम, बदबूदार और बासी खाना मिलने की शिकायत से हड़कंप

छठ पूजा पर घर लौट रहे यात्रियों से जनआहार फूड प्लाजा पर वसूले गए अधिक पैसे — शिकायत के बाद खुली अधिकारियों के दावों की पोल

रंधा सिंह, चन्दौली

 

  • यात्री से जनआहार स्टाल पर मांगे गए ₹130, वीडियो बनाते ही घटाए ₹110
  • रेलवे द्वारा तय कीमत ₹90
  • परोसा गया खाना बदबूदार और बासी निकला
  • यात्री ने सोशल मीडिया पर शिकायत दर्ज की
  • डीडीयू स्टेशन पर पहले भी कई बार ओवरचार्जिंग और मारपीट के मामले

 

चंदौली। छठ पूजा के अवसर पर जब लाखों यात्री अपने घरों की ओर रवाना हो रहे हैं, तब पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (डीडीयू) पर यात्रियों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। रेलवे स्टेशन के जनआहार पर यात्रियों से मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं और साथ ही उन्हें बासी व बदबूदार खाना परोसे जाने की शिकायत सामने आई है।

दरअसल, स्पेशल ट्रेन संख्या 02310 में बी7 कोच से यात्रा कर रहे यात्री अजय ने डीडीयू जंक्शन के जनआहार से खाना खरीदा। अजय के मुताबिक, जब उसने एक प्लेट खाने की कीमत पूछी तो स्टाल कर्मी ने ₹130 मांगे, जबकि रेलवे द्वारा निर्धारित कीमत ₹90 है। यात्री ने जब इसका वीडियो बनाने के लिए मोबाइल निकाला, तो वेंडर ने तुरंत कीमत घटाकर ₹110 कर दी।

भूख से व्याकुल अजय ने ₹110 ऑनलाइन भुगतान कर खाना लिया और ट्रेन में जाकर जैसे ही खाना खोला, उसमें से तेज बदबू आने लगी। यात्री ने बताया कि खाना पूरी तरह खराब था और खाने लायक नहीं था। ट्रेन खुल जाने के कारण वह शिकायत दर्ज नहीं करा सका, लेकिन उसने तुरंत ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर इसकी शिकायत रेलवे के उच्च अधिकारियों से की।

अधिकारियों के दावे धरातल पर फेल, यात्रियों की सुविधाओं की खुली पोल

डीडीयू जंक्शन को उत्तर मध्य रेलवे के प्रमुख स्टेशनों में गिना जाता है और यहां यात्रियों की सुविधा के लिए हर संभव व्यवस्था के दावे किए जाते हैं। लेकिन जनआहार फूड प्लाजा पर यात्रियों से ओवरचार्जिंग और खराब भोजन परोसने के मामले बार-बार सामने आने से इन दावों की सच्चाई उजागर हो रही है।

रेलवे मंडल के अधिकारी अक्सर स्टेशन पर निरीक्षण कर फोटो खिंचवाकर सोशल मीडिया पर “बेहतर व्यवस्था” का प्रचार करते हैं, लेकिन वास्तविक स्थिति कुछ और ही बयां कर रही है।

यात्रियों का कहना है कि डीडीयू स्टेशन पर भोजन के नाम पर लूट, और विरोध करने पर वेंडरों की बदसलूकी आम बात हो गई है।

यात्रियों ने रेलवे मंत्रालय से मांग की है कि जनआहार  और वेंडरों की पूरी जांच कराई जाए, और दोषी कर्मियों पर सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में कोई यात्री ठगा न जाए।

 

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