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वाराणसी में विशाल हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन, हजारों की मौजूदगी में गूंजा एकता और राष्ट्र निर्माण का संदेश

वीरेंद्र पटेल, संवाददाता

~ शिवपुर में भव्य हिन्दू सम्मेलन का शुभारंभ: हिन्दू एकता और सांस्कृतिक जागरण का संदेश

~ कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वामी नारद जी महाराज के कर कमलों द्वारा किया गया

~ हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन महामंत्री सर्वेश सिंह सोनू के द्वारा किया गया

 

वाराणसी: शिवपुर दान्दूपुर क्षेत्र में सकल हिन्दू समाज दान्दूपुर, लोढ़ान एवं चांदमारी के तत्वावधान में एक विशाल हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन का नेतृत्व महामंत्री सर्वेश सिंह सोनू ने किया। इस आयोजन ने हिन्दू समाज की एकजुटता, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और राष्ट्र निर्माण की भावना को सशक्त रूप से सामने रखा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में हिन्दू समाज के लोग शामिल हुए और पूरे उत्साह के साथ सहभागिता निभाई।

सम्मेलन की अध्यक्षता परमहंस जगद्गुरु स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज के परम शिष्य पूज्य स्वामी नारद जी महाराज ने की। अपने संबोधन में स्वामी नारद जी महाराज ने हिन्दू धर्म की शाश्वत परंपराओं और मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए समाज को संगठित रहने का आह्वान किया। उन्होंने भगवद्गीता के यथार्थ स्वरूप को आत्मसात करने और आत्मजागरण के माध्यम से समाज को सशक्त बनाने पर बल दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महामंत्री सर्वेश सिंह सोनू ने संघ की विचारधारा को रेखांकित करते हुए कहा कि संगठित हिन्दू समाज ही राष्ट्र की सुरक्षा और प्रगति की मजबूत नींव है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार की दूरदर्शिता को याद करते हुए सेवा, समर्पण और एकता को समाज का मूल मंत्र बताया। साथ ही चिकित्सा, शिक्षा और सामाजिक सद्भाव के क्षेत्रों में हिन्दू मूल्यों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक प्रमुख श्रीमान स्वांत रंजन जी उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में केंद्रीय विद्यालय के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य श्री आर. जे. राम तथा विश्व हिन्दू परिषद महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ की सक्रिय सदस्य एवं समाजसेवी श्रीमती भावना अग्रवाल शामिल रहीं। श्रीमती भावना अग्रवाल ने महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार रखते हुए कहा कि हिन्दू नारी शक्ति राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है और उसे समाज निर्माण में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।

कार्यक्रम की शुरुआत में सकल हिन्दू समाज की ओर से सभी अतिथियों का पारंपरिक तरीके से हार, माला और अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। मंच की भव्य सजावट और “जय श्रीराम” के नारों से पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना रहा।

आयोजकों का कहना है कि यह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हिन्दू समाज को संगठित कर राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देने का माध्यम है। सम्मेलन के दौरान प्रवचन, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण जैसे कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। आयोजकों ने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजन आने वाले समय में और भी बड़े स्तर पर हिन्दू एकता और सांस्कृतिक चेतना का संदेश फैलाएंगे।

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