Chandauli

Chandauli: तेज बारिश में ढहा कच्चा मकान, मलबे में दबे एक ही परिवार के चार लोग

गंभीर रूप से घायल चारों को वाराणसी ट्रॉमा सेंटर रेफर, गांव में मचा हड़कंप

धर्मेन्द्र कुमार, चंदौली 

 

चंदौली (शहाबगंज)। जिले के शहाबगंज थाना क्षेत्र के हड़ौरा गांव में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। मूसलधार बारिश के चलते गांव में एक कच्चा मकान ढह गया, जिसकी चपेट में एक ही परिवार के चार सदस्य आ गए। हादसे में सभी मलबे के नीचे दब गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए मलबा हटाकर चारों को बाहर निकाला और तत्काल स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। वहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें वाराणसी के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद से पूरे गांव में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल है।

घटना सुबह तेज बारिश के दौरान हुई

घटना सुबह करीब 6:30 बजे की है, जब क्षेत्र में लगातार तेज बारिश हो रही थी। हड़ौरा गांव निवासी दुर्गावती (35 वर्ष) अपने परिवार के साथ घर में मौजूद थीं। उनका कच्चा मकान बारिश की मार सह नहीं पाया और अचानक भरभराकर गिर पड़ा। उस समय घर में दुर्गावती, उनकी बहन पूजा (32 वर्ष), माता मंशा देवी (55 वर्ष) और भतीजा सनम (16 वर्ष) मौजूद थे, जो मलबे के नीचे दब गए।

ग्रामीणों ने बिना देर किए शुरू किया बचाव कार्य

मकान गिरने की जोरदार आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल पर दौड़ पड़े। बिना प्रशासन या राहत टीम की प्रतीक्षा किए, ग्रामीणों ने फावड़े और हाथों से मलबा हटाकर सभी घायलों को बाहर निकाला। घायलों की हालत गंभीर देखी गई।

स्थानीय अस्पताल से वाराणसी ट्रॉमा सेंटर रेफर

घायलों को तत्काल स्थानीय पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र), शहाबगंज लाया गया, जहां प्राथमिक इलाज किया गया। डॉक्टरों ने घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें वाराणसी के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया है। चारों की हालत गंभीर बनी हुई है।

घर का सारा सामान तबाह, प्रशासन को दी गई सूचना

इस हादसे में केवल चार लोग ही नहीं, बल्कि घर का पूरा सामान भी मलबे में दबकर नष्ट हो गया। बर्तन, कपड़े, अनाज, जरूरी कागजात—सब कुछ बर्बाद हो चुका है। हादसे के बाद से पूरे गांव में शोक और चिंता का माहौल है। लोगों ने प्रशासन से राहत और मुआवजे की मांग की है।

प्रशासन से मदद की उम्मीद

गांव के प्रधान और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने तहसील प्रशासन और जिला प्रशासन को तुरंत सूचना दी है। अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन मौके पर टीम भेजे जाने की बात कही जा रही है।

स्थानीय लोगों की मांगें:

  • पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए
  • रहने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कराई जाए
  • मकान निर्माण के लिए सरकारी योजना के तहत सहायता दी जाए
  • बारिश के मौसम में खतरनाक मकानों की जांच कर उन्हें चिन्हित किया जाए

यह घटना एक बार फिर से यह साबित करती है कि गांवों में कच्चे मकान भी खतरे से खाली नहीं हैं। बारिश जैसे मौसम में ऐसी घटनाएँ न केवल जानलेवा होती हैं, बल्कि गरीब परिवारों को आर्थिक और मानसिक रूप से भी झकझोर देती हैं। ज़रूरत है कि प्रशासन सतर्क रहे और समय रहते आवश्यक कदम उठाए।

 

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