
वाराणसी। थाना चोलापुर क्षेत्र के ग्राम कैथोर में अज्ञात महिला की नृशंस हत्या की घटना का वाराणसी पुलिस ने त्वरित अनावरण करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। थाना चोलापुर पुलिस और एसओजी वाराणसी की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत कार्रवाई करते हुए हत्या के वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मफलर, सीमेंटेड ईंट, मोबाइल फोन और ऑटो भी बरामद किया है। सराहनीय कार्य के लिए पुलिस आयुक्त वाराणसी ने टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
पुलिस के अनुसार, 21 दिसंबर 2025 को थाना चोलापुर को सूचना मिली थी कि ग्राम कैथोर के मोहनदासपुर क्षेत्र में एक 25 से 30 वर्षीय महिला का शव पड़ा है, जिसका सिर ईंट या पत्थर से कुचला गया है। ग्राम प्रधान की तहरीर पर थाना चोलापुर में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त के निर्देश पर पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के निर्देशन और अपर पुलिस उपायुक्त के पर्यवेक्षण में एसओजी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई।
इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने 22 दिसंबर 2025 को महमूदपुर मोड़ से अभियुक्त प्रदीप मिश्रा उर्फ गुड्डू मिश्रा (48 वर्ष), निवासी ग्राम सोनबरसा, थाना चौबेपुर, को गिरफ्तार किया। पूछताछ में अभियुक्त ने अपनी पत्नी लक्ष्मी मिश्रा की हत्या की बात कबूल कर ली।
अभियुक्त ने बताया कि वर्ष 2017 में उसकी शादी हुई थी और उसे पत्नी के चरित्र पर शक था। इसी बात को लेकर आए दिन विवाद और झगड़े होते थे। 19 दिसंबर 2025 की रात वह पत्नी को बहन के ससुराल से चाय पिलाने के बहाने ऑटो में बैठाकर ले गया। रास्ते में सुनसान स्थान पर मफलर से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। पहचान छिपाने के उद्देश्य से महिला के चेहरे को सीमेंटेड ईंट से कुचल दिया और शव को बाजरे के सूखे ढेर में छिपा दिया।
पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त मफलर, सीमेंटेड ईंट, मोबाइल फोन और ऑटो बरामद कर लिया है। अभियुक्त के खिलाफ पहले से कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें लूट, चोरी और हत्या के प्रयास जैसी धाराएं शामिल हैं। फिलहाल थाना चोलापुर पुलिस द्वारा अभियुक्त के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष दीपक कुमार, उपनिरीक्षक पवन कुमार राय, अनिल सिंह सहित थाना चोलापुर पुलिस और एसओजी प्रभारी गौरव कुमार सिंह की टीम शामिल रही। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में अपराधियों के बीच स्पष्ट संदेश गया है कि गंभीर अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।




