चौबेपुर में ‘भारत विज्ञान यात्रा’ का भव्य स्वागत, बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तर्कशक्ति बढ़ाने की एक अनोखी पहल
गोरखपुर से वाराणसी पहुंची शिक्षकों की टीम, आशा ट्रस्ट परिसर में विभिन्न प्रयोगों के जरिए ग्रामीण बच्चों को सिखाए विज्ञान के गुर
रिपोर्ट: विशाल कुमार।
चौबेपुर (वाराणसी)। गोरखपुर से चलकर वाराणसी पहुंची ‘भारत विज्ञान यात्रा’ के सदस्यों का चौबेपुर के भंदहा कला स्थित आशा ट्रस्ट परिसर में आगमन पर भव्य स्वागत किया गया। इस विशेष शैक्षणिक और प्रेरणादायक अभियान के तहत यात्रा में गोरखपुर के विभिन्न इंटर कॉलेजों के विज्ञान विषय के प्राध्यापक शामिल हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य बच्चों को विज्ञान के छोटे-छोटे प्रयोगों को बेहद आसान तरीके से समझाना है। इस अवसर पर यात्रा दल का अभिनंदन करते हुए आशा ट्रस्ट के समन्वयक वल्लभाचार्य पाण्डेय ने कहा कि आज के दौर में बच्चों के भीतर वैज्ञानिक दृष्टिकोण, चेतना और तर्कशक्ति को विकसित करने की बहुत ज्यादा आवश्यकता है, और ऐसे समय में इस तरह के जमीनी जागरूकता अभियानों का महत्व और भी बढ़ जाता है।
यात्रा के मुख्य संयोजक एस. टी. अली ने इस अभियान के विजन को साझा करते हुए बताया कि ‘भारत विज्ञान यात्रा’ एक बेहद महत्वपूर्ण शैक्षणिक व प्रेरणादायक अभियान है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के छात्रों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान (रिसर्च) के प्रति जागरूक व प्रेरित करना है, ताकि साल 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण में देश की युवा प्रतिभाओं का अमूल्य योगदान सुनिश्चित किया जा सके। इसी कड़ी में यात्रा दल में शामिल विज्ञान विशेषज्ञों द्वारा विशेष रूप से रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) के विभिन्न प्रयोगों का लाइव प्रस्तुतिकरण किया गया और खेल-खेल में उसके महत्व को विस्तार से समझाया गया, जिसे देख बच्चे भी उत्साहित नजर आए।
इस पूरे सफल कार्यक्रम और वैज्ञानिक चेतना अभियान का संयोजन सौरभ चन्द्र, अवनीश पाण्डेय और अमित कुमार ने अपनी समस्त टीम के साथ मिलकर किया। इस दौरान विज्ञान को बढ़ावा देने और ग्रामीण बच्चों को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित इस सत्र में यात्रा दल के प्रमुख सदस्यों के साथ-साथ क्षेत्र के कई गणमान्य लोग और शिक्षक मौजूद रहे। स्थानीय लोगों और प्रबुद्ध वर्ग ने आशा ट्रस्ट की इस पहल की सराहना की है कि इससे ग्रामीण अंचल के बच्चों में पढ़ाई और विज्ञान को लेकर एक नया नजरिया पैदा होगा।




