वाराणसी पुलिस का नशे पर प्रहार: 88 किलो गांजा के साथ दिल्ली का एक तस्कर गिरफ्तार बरामद, टीम को 25 हजार का नगद इनाम
आरिफ़ अंसारी, वाराणसी

आरिफ़ अंसारी, वाराणसी
वाराणसी के लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र में आज थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने नशीली द्रव्य तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की। खुफिया मुखबिर की सूचना पर पहड़िया मंडी में दबिश देते हुए पुलिस ने 56 पैकेटों में पैक 88 किलोग्राम अवैध गांजा, एक बोलेरो वाहन (नंबर JH10 BJ 7297) और एक आरोपी कपिलदेव सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपी बृजेंद्र सिंह का पुत्र है, मूल निवासी रसूलपुर थाना शिकारपुर बुलंदशहर, जबकि हाल का पता दिल्ली के जेजे कॉलोनी तिमारपुर से है।
घटना का पूरा विवरण
दिनांक 15 अप्रैल 2026 को अपर पुलिस उपायुक्त अपराध के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में थाना लालपुर-पांडेयपुर व एसओजी प्रथम इकाई ने संयुक्त छापेमारी की। मुखबिर ने बताया कि पहड़िया मंडी गेट नंबर-1 सीआरपीएफ कैंप के पास एक बोलेरो से भारी मात्रा में गांजा बेचने की फिराक में खड़ी है। सूचना सत्य पाए जाने पर टीम ने आरोपी कपिलदेव सिंह (उम्र 46 वर्ष) को रंगे हाथों पकड़ लिया। उसके कब्जे से गांजा के अलावा 200 रुपये नकद, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, एक वीवो मोबाइल फोन भी बरामद हुए।
कानूनी कार्रवाई व अभियुक्त का इतिहास
आरोपी के खिलाफ थाना लालपुर-पांडेयपुर पर मु0अ0सं0 105/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट व धारा 336(3) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसकी जांच उ०नि० धर्मेंद्र वर्मा कर रहे हैं। कपिलदेव पूर्व में भी नशा तस्करी व गुंडा एक्ट के मामलों में फरार रहा है, जैसे मु0अ0सं0 61/2020 (अहरौरा मिर्जापुर), मु0अ0सं0 193/2022 (गुंडा एक्ट)। पुलिस अब उसके नेटवर्क, बिहार-झारखंड रूट व अन्य साथियों का पता लगाने में जुटी है।
गिरफ्तार करने वाली टीम
– प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार सिंह, थाना लालपुर-पांडेयपुर
– उ0नि0 गौरव सिंह, प्रभारी एसओजी
– उ0नि0 आयुष पांडेय, एसओजी
– आ० मनीष तिवारी, मु०आ० ब्रह्मदेव, मु0आ0 प्रमोद सिंह, आ0 अवनीश पांडेय, आ0 आलोक मौर्य, आ0 दिनेश कुमार, आ0 पवन कुमार तिवारी, आ0 प्रेम पटेल (एसओजी)
– उ0नि0 कमलेश कुमार, मु0आ0 सिद्धार्थ राय, आ0 सूरज तिवारी (थाना लालपुर-पांडेयपुर)
नशे के खिलाफ अभियान तेज**
वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट नशीले पदार्थों की तस्करी पर लगातार नकेल कस रही है। यह कार्रवाई बिहार से आने वाले गांजा के रूट को तोड़ने में महत्वपूर्ण है, जो युवाओं को नशे के जाल से बचाने का संकल्प दर्शाती है।




