
वाराणसी, 5 जून 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन के अवसर पर मंगलवार को शहर के प्रख्यात महावीर मंदिर में विशेष भक्ति कार्यक्रम आयोजित हुआ। मंदिर के मुख्य पुजारी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मुख्यमंत्री के दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हुए पूजा-अर्चना संपन्न कराई। हनुमानजी की आरती के बाद भगवान को लड्डुओं का भोग चढ़ाया गया और परंपरा के अनुरूप भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
लड्डू केक: पारंपरिक मिठास का नया अंदाज
इस बार के समारोह में पारंपरिक केक की जगह लड्डुओं से बना केक काटा गया, जिसे उपस्थित कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को परोसकर समारोह की मिठास बढ़ाई। इस अनोखे परंपरागत केक कटने के बाद स्वागत और हर्षोल्लास का माहौल बना रहा। उपस्थित लोगों ने मुख्यमंत्री के प्रति अपनी श्रद्धा और समर्थन व्यक्त किए।
समारोह के दौरान कार्यक्रम स्थल पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और मंत्री रविंद्र जायसवाल ने मौके का उपयोग करते हुए विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय पर कानूनी कार्रवाई और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों का हवाला देते हुए उन्हें कठोर शब्दों में आलोचना के निशाने पर रखा। जायसवाल ने अजय राय की आलोचना करते हुए उनका राजनीतिक आचरण और रणनीति सवालों के घेरे में डाली और कहा कि कुछ नेता केवल सियासी नाम और छवि बनाये रखने के लिए असल संघर्षों से पीछे हटते हैं।
मंत्री के बयान में उन्होंने विरोधी राजनीति की तुलना पुराणिक पात्रों से करते हुए तीखी उपमा दी। इस बात ने कार्यक्रम को सिर्फ धार्मिक समारोह ही नहीं, बल्कि राजनीतिक मंच भी बना दिया — जहाँ धार्मिक समर्पण के साथ-साथ सियासी बयानबाजी भी जोरदार रूप में सामने आई।
कार्यक्रम में मौजूद भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारियों और स्थानीय महिला नेताओं ने वर्तमान सरकार की कानून-व्यवस्था की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में प्रदेश में सुरक्षा की स्थिति बेहतर हुई है और महिलाएं अब अधिक सुरक्षित महसूस करती हैं। उनका मानना था कि इन उपलब्धियों के चलते 2027 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री को भारी जनसमर्थन मिलेगा।
स्थल पर मौजूद युवा कार्यकर्ताओं ने भी सरकार के समर्थन और विकास कार्यों में सहभागिता की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने ऐलान किया कि वे अपने स्तर पर विपक्षी प्रभाव को कम करने के लिए सक्रिय रूप से काम करेंगे और आने वाले चुनावों में संगठन के साथ मजबूत भूमिका निभाएंगे।
मंदिर परिसर में उपस्थित सामान्य नागरिकों और व्यापारियों ने जन्मदिन समारोह और आसपास के आयोजनों पर संतोष जताया। कुछ ने कहा कि सार्वजनिक धार्मिक कार्यक्रमों में सियासत का मिश्रण हमेशा देखा जाता है, परन्तु लोगों की नजर में सुरक्षा और विकास से जुड़े मुद्दे ज्यादा मायने रखते हैं। सामाजिक स्तर पर ऐसे आयोजन सामूहिकता और राजनैतिक समर्थन दोनों का मंच बन जाते हैं।
दिन भर चले आयोजन में भक्तों ने पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद ग्रहण किया और नेताओं ने मतभेदों के बावजूद सार्वजनिक मंच पर अपनी-अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री के जन्मदिन के मौके पर यह सभा धार्मिक आस्था और स्थानीय राजनीति का संयोजन बनकर उभरी। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बयानबाज़ी और राजनीतिक हलचल पर स्थानीय और राज्यस्तरीय राजनीतिक टिप्पणीकार नजर बनाए रखेंगे।



