
नीरज सिंह, वाराणसी
वाराणसी। कमिश्नरेट वाराणसी की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और कैंट थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के एक बड़े संगठित गिरोह का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने तकनीकी रूप से संचालित इस गिरोह के 13 शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
गिरोह आईपीएल और अन्य क्रिकेट मैचों पर सट्टेबाजी कराने के लिए टेलीग्राम ग्रुप, ऑनलाइन साइट्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर रहा था। आरोपियों ने प्रसिद्ध यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की फर्जी वीडियोज बनाकर भोली-भाली जनता को आकर्षित करने और सट्टा लगवाने का झूठा प्रलोभन दिया जाता था।
प्रेस रिलीज जारी करते हुए अधिकारियों का बयान
इस मामले का खुलासा एडिशनल सीपी आलोक प्रियदर्शी, डीसीपी गोमती जोन (क्राइम) नीतू कात्यान ने किया।
पुलिस आयुक्त के निर्देश पर “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। एसओजी टीम द्वारा चलाए गए आपरेशन चक्रव्यूह के तहत यह बड़ी सफलता हासिल की गई। SOG और कैन्ट पुलिस ने रविवार की रात क्षेत्र सिद्धि हाइट्स के बेसमेंट से सभी 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी करने वाली टीम
इस कार्रवाई में गिरफ्तारी करने वाली टीम का नेतृत्व एसओजी प्रभारी गौरव कुमार सिंह और कैंट थाना प्रभारी निरीक्षक राज किशोर पाण्डेय ने किया। टीम में उ०नि० उमाशंकर सिंह (चौकी प्रभारी अर्दली बाजार), सब-इंस्पेक्टर आशुतोष त्रिपाठी सहित एसओजी और कैंट थाना के अन्य जवान शामिल थे।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सभी आरोपियों के कब्जे से 17 टच स्क्रीन मोबाइल फोन, 10 लैपटॉप, 1 क्रिप्टोकरेंसी डिजिटल वॉलेट/लेजर और 1,350 रुपये नकद बरामद किए।
गिरफ्तार किए गए 13 आरोपियों में रितेश दिवाकर शुक्ला (स्थायी निवासी पालघर महाराष्ट्र, हाल सिद्धि हाइट्स वाराणसी), रवि यादव (स्थायी चोलापुर वाराणसी, हाल पालघर), अर्पित तिवारी (स्थायी सुल्तानपुर, हाल नालासोपारा), अमन सिंह (स्थायी फुलपुर वाराणसी, हाल नालासोपारा), विकास पटेल (स्थायी जौनपुर, हाल नालासोपारा), जियाउलहक (स्थायी गया बिहार, हाल नालासोपारा), सचिन सिंह उर्फ शैलेन्द्र (जयपुर राजस्थान), गौरव चौहान (जयपुर), देवेश चौहान (जयपुर), अनिकेत कुमार (फतेहपुर), अमित तिवारी (स्थायी जौनपुर, हाल मलाड ईस्ट), सौरभ चौहान (इटावा) और राहुल मौर्या (स्थायी बहराइच, हाल पता पालघर महाराष्ट्र) शामिल है।
गिरोह के सदस्य तकनीकी रूप से काफी शातिर थे। उन्होंने:
– प्रसिद्ध यूट्यूबर्स और इन्फ्लुएंसर्स की फर्जी वीडियोज बनाईं
– फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स और वेबसाइट्स से प्रचार किया
– टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए लोगों को आकर्षित किया
– आईपीएल मैचों पर सट्टेबाजी के लिए प्रेरित किया
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। गिरोह के पूरे नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन, अन्य सहयोगियों और ऊपरी स्तर के लोगों की गहन जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोहों पर लगातार नजर रखी जा रही है।




