नाबालिगों के हाथ में थार बनी आफत: बाइक को टक्कर मारने के बाद दुकान में घुसी SUV, कई लोग घायल, वाहन स्वामी पर होगी सख्त कार्यवाही
अजय त्रिपाठी, वाराणसी

वाराणसी। सिगरा थाना क्षेत्र के औरंगाबाद इलाके में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया जब नाबालिगों द्वारा चलाई जा रही एक तेज रफ्तार थार अनियंत्रित होकर सड़क पर चल रहे लोगों और वाहनों के लिए खतरा बन गई। कुछ ही सेकंड में हुई घटनाओं की श्रृंखला ने पूरे इलाके को दहला दिया। बेकाबू वाहन ने पहले एक बाइक सवार को टक्कर मारी और फिर नियंत्रण खो बैठा चालक कई राहगीरों को चपेट में लेते हुए एक प्रसिद्ध दूध-मलाई की दुकान में जा घुसा। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, काले रंग की थार औरंगाबाद से रामकुंड की ओर जा रही थी। वाहन की गति काफी तेज थी। इसी दौरान सड़क पर अचानक संतुलन बिगड़ने से थार ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद चालक घबरा गया और वाहन पर नियंत्रण रखने के बजाय स्थिति और बिगड़ गई। तेज रफ्तार एसयूवी सड़क किनारे मौजूद लोगों की ओर बढ़ गई और कई लोगों को अपनी चपेट में लेने के बाद सीधे मुन्नालाल की चर्चित दूध-मलाई की दुकान में जा घुसी।
हादसे में रंगनाथ पांडेय (30 वर्ष), विश्वभर नाथ चौरसिया (72 वर्ष) और मीता सोनकर (55 वर्ष) घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायल खतरे से बाहर हैं और उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
जांच में सामने आया कि वाहन यूपी-65 जीबी 1212 को एक 17 वर्षीय किशोर चला रहा था। वाहन में उसके साथ दो अन्य नाबालिग भी सवार थे। तीनों किशोर शहर के अलग-अलग इलाकों के निवासी बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सूचना मिलते ही सिगरा पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि हादसे के पूरे क्रम को स्पष्ट किया जा सके। पुलिस ने बताया कि मामले में प्राप्त तहरीर के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
एसीपी चेतगंज शुभम कुमार सिंह के अनुसार, नाबालिग चालक के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही वाहन मालिक की भूमिका की भी जांच की जा रही है कि आखिर नाबालिग के हाथों में वाहन कैसे पहुंचा। मोटर वाहन अधिनियम के तहत वाहन स्वामी के खिलाफ भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस घटना ने एक बार फिर नाबालिगों को वाहन सौंपने के बढ़ते चलन और उससे पैदा हो रहे खतरे को उजागर कर दिया है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में केवल चालक ही नहीं, बल्कि वाहन उपलब्ध कराने वाले लोगों को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा। प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है।




