पोंजी स्कीम का शिकार बने 150 पुलिसकर्मी, विक्रांत फाइनेंस कंपनी पर ठगी का आरोप
दफ्तर में तोड़फोड़, डायरेक्टर गौरव गुप्ता से मारपीट, पुलिस ने 112 की सूचना पर संभाला मामला

नीरज सिंह, वाराणसी
वाराणसी। जिनके कंधों पर जनता की सुरक्षा का जिम्मा है, आज वही खुद धोखाधड़ी के शिकार हो गए हैं। मामला है जैतपुरा थाना क्षेत्र स्थित सारंग तालाब का, जहां विक्रांत फाइनेंस कंपनी द्वारा पोंजी स्कीम के ज़रिए लगभग 150 पुलिसकर्मियों समेत सैकड़ों स्थानीय लोगों से लाखों रुपये ठग लिए गए।
रविवार को जब पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ, तो आक्रोशित भीड़ ने विक्रांत फाइनेंस के दफ्तर पर तोड़फोड़ कर दी और कंपनी के डायरेक्टर गौरव गुप्ता के साथ मारपीट भी की। मौके पर पहुंची जैतपुरा थाने की पुलिस ने हालात को काबू में किया। पुलिस ने बताया कि 112 नंबर पर मिली सूचना के बाद मौके पर टीम भेजी गई और अब तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, गौरव गुप्ता ने कंपनी के जरिए मोटे मुनाफे का लालच देकर बड़ी संख्या में निवेश करवाया। कई पुलिसकर्मियों ने अपनी सेविंग्स तक कंपनी में लगा दी, लेकिन समय पर भुगतान न होने और संपर्क न मिलने के बाद मामला फूटा।
गंभीर बात यह है कि कुछ मौजूद पुलिसकर्मियों ने यह कहते सुना गया कि अगर हम केस दर्ज करा देंगे तो कानूनी पेंच में पैसा फंस जाएगा, बेहतर है इसकी संपत्ति ही लिखवा ली जाए। यह बयान एक नई बहस को जन्म देता है कि जब वर्दी वाले ही ठगे जाएं, तो आम जनता का क्या होगा?
इस पूरे मामले ने न सिर्फ फाइनेंस कंपनियों की मनमानी को उजागर किया है, बल्कि पुलिस विभाग के भीतर वित्तीय जागरूकता की कमी और सुरक्षा एजेंसियों की असहायता पर भी सवाल खड़े किए हैं।




