विकास के वादों के बीच उपेक्षित डोम परिवार, हाईवे पर हादसे का इंतज़ार?
बरसात में झोपड़ियों के आगे जलभराव, सड़क पर बैठकर बनाते हैं सुप और बेना।

रिपोर्ट: राहुल पटेल।
भाँवरकोल (गाजीपुर)। राष्ट्रीय राजमार्ग 31 पर कुंडेसर ग्रामीण बैंक के सामने अनुसूचित जाति डोम बिरादरी का एक परिवार वर्षों से सड़क किनारे जीवन बसर करने को मजबूर है। बरसात के दिनों में हालात और भी दयनीय हो जाते हैं। सड़क किनारे उनकी झोपड़ियों के आगे हमेशा पानी और कीचड़ भरा रहता है, जिससे उठने-बैठने तक की जगह प्रभावित हो जाती है।
गरीब परिवार मजबूरी में सड़क पर बैठकर सुप, बेना और अन्य सामान बनाकर अपनी रोज़ी-रोटी कमाते हैं। लेकिन हाईवे पर तेज़ रफ्तार वाहनों की भीड़ के बीच बैठे रहने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंदगी और जलभराव से संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा भी लगातार बना हुआ है।
डोम बिरादरी के विजय, विनोद, शिवकुमार, छोटेलाल और बहादुर ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि सड़क किनारे मिट्टी या आरबीज़ से गड्ढों को भरवाया जाए, ताकि वे सुरक्षित बैठ सकें और अपने कामकाज को जारी रख सकें।
ग्राम पंचायत अधिकारी अजीत कुमार ने इस मामले पर आश्वासन देते हुए कहा कि वह ग्राम प्रधान से बात करेंगे और समस्या के समाधान के लिए कदम उठाए जाएंगे।




