सैदपुर के आत्मानगर में जर्जर नाली बनी मुसीबत, घरों में सीलन से दरारें; चेयरमैन पर भेदभाव के आरोप, नायब तहसीलदार ने की जांच
सैदपुर (गाजीपुर): आत्मानगर में जर्जर नाली से घरों में सीलन, घर गिरने की कगार पर; चेयरमैन पर विकास में भेदभाव का आरोप, नायब तहसीलदार ने की जांच, डीएम को भेजेंगे रिपोर्ट

आकाश पाण्डेय, गाज़ीपुर
सैदपुर (गाजीपुर), 9 नवंबर 2025: नगर पंचायत क्षेत्र के आत्मानगर मोहल्ले में वर्षों पुरानी जर्जर नाली की वजह से रहवासियों का जीना मुहाल हो गया है। नाली टूटने से पानी घरों में घुस रहा है, जिससे दीवारों में सीलन और घर बैठने की समस्या पैदा हो गई है। मोहल्लेवासियों ने नायब तहसीलदार अजय वर्मा से खुलकर शिकायत की कि अगर नाली नहीं बनी तो उनके घर गिर जाएंगे। साथ ही चेयरमैन पर विकास कार्यों में भेदभाव करने का गंभीर आरोप लगाया गया।
नायब तहसीलदार अजय वर्मा हलका लेखपाल के साथ रविवार को आत्मानगर पहुंचे। यहां बब्बन विश्वकर्मा के घर से सुरेश प्रजापति का घर होते हुए मुस्लिम बस्ती तक गए। फिर शिवराम सिंह के घर से होते हुए वापस बब्बन विश्वकर्मा के घर तक पूरे मोहल्ले का निरीक्षण किया। निरीक्षण में पता चला कि बब्बन विश्वकर्मा के घर से मुस्लिम बस्ती तक करीब 20 साल पुरानी एल टाइप नाली पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। नाली क्षतिग्रस्त होने से पानी रिसकर लोगों के घरों में घुस रहा है, जिससे लगभग सभी घरों में सीलन की गंभीर समस्या दिखी।
बस्ती के निवासी मो. बेचन ने कहा, “सर, नाली टूटने से घर बैठ रहा है, कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।” वहीं रमजान अहमद ने चेयरमैन पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे विकास कार्यों में भेदभाव करते हैं। हमारे मोहल्ले में कोई विकास नहीं हुआ है।
वार्ड के सभासद बृजेश जायसवाल ने बताया कि बोर्ड की बैठक में इस मोहल्ले में नाली निर्माण का प्रस्ताव पास हो चुका है और काफी दिन पहले निविदा भी जारी की गई थी। लेकिन चेयरमैन ने ठेकदार को काम शुरू करने से रोक दिया और बाद में निविदा निरस्त करा दी।
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सभासद ने आरोप लगाया कि चेयरमैन ने ढाई वर्षों में वार्ड में विकास के नाम पर सिर्फ मंदिर का सुंदरीकरण कराया, जिस पर करीब चार लाख रुपये खर्च हुए। बाकी कोई कार्य नहीं कराया गया।
नायब तहसीलदार अजय वर्मा ने मौके पर वार्ड में नाली की गंभीर समस्या को स्वीकार किया और कहा कि निरीक्षण रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। जल्द ही समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। मोहल्लेवासियों ने राहत की उम्मीद जताई है, लेकिन चेयरमैन के भेदभावपूर्ण रवैये से नाराजगी जाहिर की। स्थानीय लोग अब उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
यह मामला नगर पंचायत में विकास कार्यों की अनियमितता और भेदभाव को उजागर करता है, जिससे क्षेत्रीय असंतोष बढ़ रहा है।




