Banaras Lit Fest: हंसी के मंच से समाज को आईना, सनबीम वरुणा में अमित टंडन ने बिखेरा हास्य और विचारों का संगम
बनारस लिटरेचर फेस्टिवल 2026 के तहत ‘इंडियन पैरेंट्स और जेन-ज़ी’ पर स्टैंड-अप कॉमेडी, हजारों दर्शकों ने लिया ठहाकों के साथ संदेश

आरिफ़ अंसारी, वाराणसी
वाराणसी। बनारस लिटरेचर फेस्टिवल 2026 के अंतर्गत सनबीम स्कूल, वरुणा कैंपस में एक विशेष सांस्कृतिक एवं बौद्धिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां प्रख्यात स्टैंड-अप कॉमेडियन, लेखक और स्टोरीटेलर अमित टंडन ने अपनी शानदार प्रस्तुति से दर्शकों को खूब गुदगुदाया। कार्यक्रम का विषय “इंडियन पैरेंट्स और जेन-ज़ी: एआई युग में मूल्य” रहा, जिसमें उन्होंने हास्य के माध्यम से भारतीय परिवारों, पीढ़ियों के बदलते रिश्तों और आधुनिक तकनीक के प्रभावों को बेहद सहज और रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया।

अमित टंडन की प्रस्तुति में जहां ठहाकों की लगातार गूंज सुनाई दी, वहीं उनके व्यंग्य में छुपे सामाजिक संदेशों ने दर्शकों को सोचने पर भी मजबूर किया। बदलते समय में माता-पिता और नई पीढ़ी के बीच संवाद, अपेक्षाएं और तकनीक की भूमिका को उन्होंने अपनी विशिष्ट शैली में मंच से जीवंत कर दिया। उनकी बातों में आम जीवन की झलक और सटीक कटाक्ष ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

इस कार्यक्रम में लगभग एक हजार दर्शकों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थी और साहित्य-संस्कृति से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिक शामिल थे। आयोजन के दौरान बनारस लिट फेस्ट 2026 की ओर से डॉ. दीपक मधोक, बृजेश सिंह, अमित शेवरामनी, अशोक कपूर, धवल प्रकाश, डॉ. आशीष कुमार, अमित मौर्य, अंकित कुमार, खालिद अंसारी, धर्मेंद्र कुमार, अपर्णा सिंह, शुभाशीष चटैर्जी एवं विवेक विक्रम सिंह ने अमित टंडन का सम्मान और अभिनंदन किया।

आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम साहित्य, संस्कृति, हास्य और विचारों के माध्यम से समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम बनते हैं। साथ ही यह युवा पीढ़ी को समकालीन मुद्दों पर सकारात्मक और संतुलित दृष्टिकोण प्रदान करते हैं। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि हंसी सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को समझने और जोड़ने का प्रभावी माध्यम भी हो सकती है।





