जौनपुर दूल्हा हत्याकांड: आजाद बिन्द की हत्या पर फूटा जनाक्रोश, बहन के नेतृत्व में SP ऑफिस का घेराव, एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई की मांग
आश्वासन नहीं, न्याय चाहिए"— जौनपुर में अपराधियों के पोस्टर लेकर सड़क पर उतरीं सैकड़ों महिलाएं; 48 घंटे में सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी।

रिपोर्ट: राजकुमार बेनवंशी।
जौनपुर: उत्तर प्रदेश के जौनपुर में दूल्हे आजाद बिन्द की जघन्य हत्या के मामले को लेकर सोमवार को भारी जनाक्रोश भड़क उठा। शादी के ही दिन खुशियों को मातम में बदलने वाले इस खूनी खेल के खिलाफ पीड़ित परिवार और बिन्द समाज का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। मृतक आजाद बिन्द की बहन सौम्या बिन्द के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों और महिलाओं ने पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। इंसाफ की गुहार लगाते हुए उग्र प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में मांग की है कि आरोपियों का तत्काल एनकाउंटर किया जाए और उनके अवैध मकानों पर योगी सरकार का बुलडोजर चलाया जाए।
एसपी ऑफिस के बाहर ‘इंसाफ’ के लिए चक्काजाम, गूंजे पुलिस विरोधी नारे
सोमवार सुबह करीब 11 बजे बिन्द समाज के सैकड़ों महिला-पुरुष हाथों में पोस्टर, बैनर और मृतक आजाद बिन्द की तस्वीरें लेकर अचानक पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गए। देखते ही देखते भीड़ इतनी बढ़ गई कि गुस्साए लोगों ने मुख्य सड़क पर ही धरना दे दिया, जिससे पूरा यातायात ठप हो गया। प्रदर्शनकारियों के हाथों में जो पोस्टर थे, उन पर आजाद बिन्द की दूल्हे के लिबास वाली और हत्या के बाद की तस्वीरें छपी थीं। इसके साथ ही पोस्टर पर 6 मुख्य आरोपियों— शोले राजभर, भोले राजभर, अविनाश चौहान उर्फ मुन्नू, रवि यादव, प्रदीप निषाद और अशोक यादव उर्फ डब्लू यादव— के नाम और फोटो के साथ लिखा था, “गिरा दो इन पापियों का घर ताकि कांपे अपराधी थर-थर“। भीड़ ने “आश्वासन नहीं, न्याय चाहिए” और “हत्यारों का अंत करो, एनकाउंटर से इंसाफ करो” के तीखे नारे लगाए।
“भाई की डोली की जगह उठी अर्थी, अब सिर्फ एनकाउंटर चाहिए”— रो पड़ी बहन सौम्या
धरने पर बैठीं मृतक की रोती-बिलखती बहन सौम्या बिन्द ने पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए गंभीर आरोप लगाए। सौम्या ने कहा, “मेरे भाई की उस दिन हत्या कर दी गई, जिस दिन उसकी शादी थी। पुलिस केवल आश्वासन का झुनझुना थमा रही है, लेकिन मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर रही। हमें पुलिस की खोखली बातें नहीं, बल्कि ऑन-स्पॉट न्याय चाहिए। जब तक मेरे भाई के हत्यारों का एनकाउंटर नहीं होगा और उनके घर जमींदोज नहीं होंगे, हम यहां से एक इंच भी नहीं हटेंगे।” प्रदर्शन के दौरान पीड़ित परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था, जिससे माहौल बेहद गमगीन और तनावपूर्ण हो गया।
आरोपियों का पुतला फूंका; 48 घंटे के अल्टीमेटम से बैकफुट पर आई पुलिस
प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए बीच सड़क पर आरोपियों का पुतला दहन किया। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर भारी पुलिस बल और आला अधिकारी पहुंचे। प्रदर्शनकारियों को शांत कराते हुए एडिशनल एसपी ने कहा, “मामले में नामजद सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। 2 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। बाकी बचे 4 आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं, उन्हें जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।” हालांकि, पुलिस के इस आश्वासन के बाद भी बिन्द समाज के नेताओं ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि अगले 48 घंटे के भीतर सभी हत्यारे गिरफ्तार नहीं हुए और उनके खिलाफ बुलडोजर एक्शन नहीं हुआ, तो यह जनाक्रोश पूरे जौनपुर में एक उग्र और बड़े आंदोलन का रूप ले लेगा।




