वाराणसी: सीमा विवाद में उलझी पुलिस, बंद मकान से लाखों की चोरी के बाद 4 दिन तक न्याय के लिए भटकता रहा पीड़ित

ख़बर भारत।
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में कानून व्यवस्था और पुलिसिया कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लालपुर पांडेयपुर थाना क्षेत्र के गोइठहां इलाके में चोरों ने एक बंद मकान को निशाना बनाते हुए लाखों के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। इस घटना में सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि चोरी के बाद पीड़ित को पुलिस सहायता मिलने के बजाय चार दिनों तक दो थानों के बीच ‘सीमा विवाद’ के कारण भटकना पड़ा।
शादी समारोह में गया था परिवार, पीछे से हुई चोरी
मूल रूप से आजमगढ़ के महुवारी खरिहानी निवासी सीमांत सिंह गोइठहां इलाके में अपने परिवार के साथ रहते हैं और एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। 7 मई को वे अपने ममेरे भाई के तिलक समारोह में शामिल होने आजमगढ़ गए थे। दो दिन बाद वापस लौटने पर उन्होंने देखा कि घर के मुख्य गेट और कमरों के ताले टूटे हुए थे और अलमारी का सारा सामान बिखरा पड़ा था।
लाखों के जेवरात और नकदी पर चोरों ने किया हाथ साफ
पीड़ित सीमांत सिंह के अनुसार, चोरों ने घर से लगभग 4 लाख रुपये मूल्य के आभूषण और 50 हजार रुपये की नकदी चोरी कर ली है। चोरी गए सामान में तीन सोने की अंगूठी, एक मंगलसूत्र, एक जोड़ी कान के झुमके, एक चांदी की कटोरी और छह बिछिया शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलने पर डायल 112 की टीम ने मौका मुआयना किया, लेकिन इसके बाद न्याय की प्रक्रिया थानों के फेर में उलझ गई।
‘सीमा विवाद’ में उलझा न्याय: चार दिन तक भटकता रहा पीड़ित
पीड़ित जब लालपुर पुलिस चौकी और थाने पहुंचा, तो पुलिस ने घटनास्थल को सारनाथ थाना क्षेत्र का बताकर पल्ला झाड़ लिया। वहीं सारनाथ पुलिस ने मामले को लालपुर पांडेयपुर क्षेत्र का बताकर वापस भेज दिया। इस टालमटोल के कारण पीड़ित को चार दिनों तक न्याय के लिए भटकना पड़ा। अंततः उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप और अपनी आपबीती सुनाने के बाद लालपुर पांडेयपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस की कार्रवाई
थाना प्रभारी लालपुर पांडेयपुर, राजीव कुमार सिंह ने पुष्टि की है कि मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच कर रही है ताकि चोरों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सके।




