वाराणसी में खाकी मौन: बदमाशों ने घर में घुसकर पत्नी-बच्चे को किया अगवा, न्याय के लिए दर-दर भटक रहा पीड़ित
कमिश्नर से गुहार: अपहरण और जान से मारने की धमकी के बावजूद FIR दर्ज करने में आनाकानी, क्या रसूखदारों के आगे झुक गया तंत्र?

रिपोर्ट: वीरेंद्र पटेल।
वाराणसी। धर्म की नगरी वाराणसी से कानून व्यवस्था को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के वतरा गांव निवासी महेश कुमार केशरी का पूरा परिवार आज खौफ के साये में है। दबंगों ने न सिर्फ पीड़ित की पत्नी और 8 साल के मासूम बेटे का अपहरण कर लिया, बल्कि घर में रखे गहने और नगदी पर भी हाथ साफ कर दिया। विडंबना देखिए कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अब तक अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
आधी रात का तांडव: गहनों के साथ परिवार के भविष्य को भी ले उड़े दबंग
पीड़ित महेश कुमार के अनुसार, घटना 27 अप्रैल 2026 की रात लगभग 9 बजे की है। भदोही जनपद के कटरा बाजार निवासी प्रदीप केशरी उर्फ छोटू ने अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़ित के घर पर धावा बोला। आरोप है कि प्रदीप ने महेश की पत्नी सुनीता और 8 वर्षीय बेटे हर्षित को जबरन अगवा कर लिया। जाते-जाते आरोपी अलमारी में रखे सोने के मंगलसूत्र, चेन, अन्य आभूषण और 50,000 रुपये नगद भी लूट ले गए।
पुलिस की संवेदनहीनता: FIR की जगह ‘गुमशुदगी’ दर्ज कर पल्ला झाड़ा
इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि जब वह न्याय की गुहार लेकर मिर्जामुराद थाने पहुंचा, तो पुलिस ने अपहरण जैसी संगीन वारदात पर FIR दर्ज करने के बजाय महज ‘गुमशुदगी’ की रिपोर्ट लिखकर खानापूर्ति कर ली। कई बार प्रार्थना पत्र देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे आरोपियों के हौसले और बुलंद हो गए हैं।
दबंगों की खुली चुनौती: ‘पुलिस केस किया तो जान से मार देंगे’
आरोपी और उनके भाई विक्रम व संजय केशरी अब पीड़ित को फोन पर लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित ने बताया कि विपक्षी अत्यंत दबंग किस्म के लोग हैं और वे खुलेआम कह रहे हैं कि “तुम्हारे बच्चे को मारकर हम अपने भाई की शादी तुम्हारी पत्नी से करवा देंगे।” पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर को दिए पत्र में स्पष्ट किया है कि उसे और उसके अबोध बच्चे को जान का खतरा है, लेकिन प्रशासन की चुप्पी किसी बड़ी अनहोनी को दावत दे रही है।




