Varanasiबड़ी ख़बर

VDA की काशी स्पोर्ट्स सिटी परियोजना पर उठे सवाल, हरसोस की जमीनों के सौदों सवालों के घेरे में

किसानों की जमीन, बाहरी नाम और लाभार्थियों की भूमिका पर सवाल; पारदर्शिता की मांग तेज

आरिफ़ अंसारी, वाराणसी

 

 

वाराणसी। वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) की बहुचर्चित काशी स्पोर्ट्स सिटी परियोजना को लेकर अब नए सवाल खड़े होने लगे हैं। जनहित और खेल सुविधाओं के विकास के उद्देश्य से शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत ग्राम हरसोस, परगना कसवार राजा, तहसील राजातालाब क्षेत्र में जमीनों के अधिग्रहण और क्रय-विक्रय की प्रक्रिया चर्चा का विषय बन गई है। स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठाया जा रहा है कि जिन जमीनों को किसानों से बड़े विकास कार्यों के नाम पर लिया गया, उनका लाभ आखिर किन लोगों तक पहुंच रहा है।

दस्तावेजों में बाहरी राज्यों के नाम आने से बढ़ी जिज्ञासा

चर्चा का केंद्र उन दस्तावेजों को बताया जा रहा है जिनमें कथित तौर पर उत्तर प्रदेश से बाहर, विशेषकर अरुणाचल प्रदेश के पते वाले कुछ व्यक्तियों के नाम सामने आने की बात कही जा रही है। इसे लेकर स्थानीय लोगों और किसानों के बीच कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। सवाल यह उठाया जा रहा है कि वाराणसी की एक स्थानीय परियोजना से जुड़े भूमि सौदों में बाहरी लोगों की भूमिका क्या है और वे इस प्रक्रिया का हिस्सा कैसे बने।

किसानों के बीच असंतोष और संशय का माहौल

ग्रामीणों का कहना है कि विकास परियोजनाओं के नाम पर जमीन देने वाले किसानों को यह उम्मीद थी कि क्षेत्र में खेल, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा। लेकिन अब जमीनों के स्वामित्व और उनसे जुड़े सौदों को लेकर जो चर्चाएं सामने आ रही हैं, उन्होंने कई लोगों के मन में संशय पैदा कर दिया है। किसानों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुरूप और पारदर्शी है, तो फिर संबंधित सूचनाओं को सार्वजनिक करने में हिचकिचाहट क्यों दिखाई दे रही है।

वीडीए प्रशासन और उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा पर टिकी निगाहें

पूरे मामले में लोगों की निगाहें अब वीडीए प्रशासन और विशेष रूप से उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा पर टिकी हुई हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि परियोजना से जुड़े कुछ लोगों को विशेष लाभ मिलने की संभावना को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही अब तक किसी सक्षम एजेंसी द्वारा किसी अनियमितता की पुष्टि की गई है।

पारदर्शिता की मांग हुई तेज

सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि काशी स्पोर्ट्स सिटी वास्तव में जनहित और क्षेत्रीय विकास की परियोजना है, तो जमीनों के अधिग्रहण, खरीद-फरोख्त, आवंटन और लाभार्थियों से जुड़ी समस्त जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। उनका मानना है कि पारदर्शिता से ही उठ रहे सवालों और आशंकाओं का समाधान संभव है।

जब तक जवाब नहीं, तब तक उठते रहेंगे सवाल

फिलहाल हरसोस की जमीनों को लेकर उठे सवालों का कोई स्पष्ट और आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है। ऐसे में काशी स्पोर्ट्स सिटी परियोजना से अधिक चर्चा अब जमीनों के सौदों, बाहरी नामों की मौजूदगी और लाभार्थियों की भूमिका को लेकर हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक तथ्यों के साथ स्थिति स्पष्ट नहीं की जाती, तब तक यह मामला जनचर्चा और सवालों के केंद्र में बना रहेगा।

 

 

 

 

 

#KashiSportsCity #Varanasi #Harsos #VDA #VaranasiDevelopmentAuthority #LandDeal #LandControversy #Rajatalab #KashiNews #VaranasiNews #UPNews #SportsCityProject #FarmersLand #Transparency #PublicInterest #BreakingNews #DevelopmentProject #LandAcquisition #PurunBora #LocalNews

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button