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सैदपुर ब्लॉक में संग्राम: ब्लॉक प्रमुख ने सपा नेता पर लगाया रंगदारी, बंदूक के बट से मारपीट का आरोप

कभी गहरी दोस्ती, अब आमने-सामने; ₹5 लाख की मांग को लेकर शुरू हुआ विवाद पहुंचा थाने तक

आकाश पाण्डेय, सैदपुर, गाज़ीपुर

 

 

सैदपुर (गाजीपुर)। सैदपुर ब्लॉक परिसर सोमवार को उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया जब ब्लॉक प्रमुख हीरा सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी के नेता देवराज सिंह ठाकुर और उनके सहयोगियों पर रंगदारी मांगने, फायरिंग करने तथा मारपीट कर घायल करने का गंभीर आरोप लगाया। मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कार्यालय में घुसकर ₹5 लाख मांगने का आरोप

ब्लॉक प्रमुख हीरा सिंह यादव के अनुसार सोमवार शाम वह अपने कार्यालय में मौजूद थे। इसी दौरान निर्माण कार्य से जुड़ी एक फाइल उनके पास लाई गई, जिसे उन्होंने वापस कर दिया। आरोप है कि कुछ देर बाद देवराज सिंह ठाकुर के कहने पर सर्वेश यादव उनके पास पहुंचा और पांच लाख रुपये देने की मांग की। जब उन्होंने रुपये देने से इनकार कर दिया तो मामला बढ़ गया।

हीरा यादव का आरोप है कि इसके बाद देवराज सिंह ठाकुर अपने पुत्र नितेश सिंह उर्फ भोनू, भतीजे राजन सिंह तथा अन्य सहयोगियों के साथ ब्लॉक परिसर पहुंचे और दबाव बनाने लगे। विरोध करने पर गाली-गलौज शुरू हो गई और देखते ही देखते मामला मारपीट में तब्दील हो गया।

मारपीट में बंदूक के बट से किया हमला

ब्लॉक प्रमुख का दावा है कि आरोपियों ने उन पर फायरिंग भी की, हालांकि गोली उन्हें नहीं लगी। इसके बाद कथित तौर पर बंदूक के कुंदों और अन्य वस्तुओं से हमला कर उन्हें घायल कर दिया गया। इस मारपीट में उनके करीबी सहयोगी वीरेंद्र यादव उर्फ वीरू को भी चोटें आईं।

घटना के बाद दोनों घायलों को पुलिस सुरक्षा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां उनका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया।

 

दोस्ती से दुश्मनी तक की कहानी

स्थानीय लोगों के अनुसार हीरा सिंह यादव और देवराज सिंह ठाकुर कभी क्षेत्र की राजनीति में गहरी दोस्ती के लिए जाने जाते थे। दोनों की नजदीकियों की चर्चा अक्सर क्षेत्र में होती थी, लेकिन पिछले कुछ महीनों से दोनों के बीच संबंधों में खटास आ गई थी।

बताया जा रहा है कि सर्वेश यादव नामक युवक पहले ब्लॉक प्रमुख के साथ कार्य करता था। हीरा यादव का आरोप है कि कार्य में लापरवाही के कारण उसे हटा दिया गया था और बाद में वह देवराज सिंह ठाकुर के संपर्क में रहने लगा। इसी विवाद ने आगे चलकर बड़े टकराव का रूप ले लिया।

 

कोतवाली पहुंची समर्थकों की भीड़

घटना की सूचना मिलते ही ब्लॉक प्रमुख के समर्थकों की भारी भीड़ सैदपुर कोतवाली पहुंच गई। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। हालांकि ब्लॉक प्रमुख ने स्वयं समर्थकों से शांति बनाए रखने और वापस लौटने की अपील की, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण में रही।

कोतवाल अनिल सिंह ने बताया कि तहरीर प्राप्त हुई है और मामले की जांच की जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

पुलिस जांच में सामने आया सर्वेश यादव का नाम

मामले की जांच के दौरान पुलिस को शुरुआती स्तर पर यह जानकारी भी मिली कि विवाद की पृष्ठभूमि में सर्वेश यादव की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।

 

सपा नेता बोले- आरोप पूरी तरह निराधार

दूसरी ओर देवराज सिंह ठाकुर ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने केवल अपने परिचित सर्वेश यादव और गंगासागर राम के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार के बारे में पूछने के लिए ब्लॉक प्रमुख से मुलाकात की थी।

देवराज सिंह ठाकुर का आरोप है कि गंगासागर राम के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया और सर्वेश यादव के साथ भी मारपीट की गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि ब्लॉक प्रमुख द्वारा विकास कार्यों में भारी कमीशनखोरी की गई है और कई कार्यों में अनियमितताएं हुई हैं। उनका कहना है कि इससे जुड़े दस्तावेज वह जिलाधिकारी को सौंपेंगे।

 

जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई

फिलहाल पूरे मामले में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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