नाजिया इलाही खान के बयान पर शिया समुदाय में आक्रोश, महिलाओं और बच्चियों ने किया विरोध प्रदर्शन
मोहर्रम और पैगंबर साहब को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप, सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग
वाराणसी। मोहर्रम और पैगंबर साहब को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में नाजिया इलाही खान के खिलाफ शिया समुदाय में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। वाराणसी में शिया समुदाय की महिलाओं और बच्चियों ने उनके बयान का विरोध करते हुए रोष व्यक्त किया तथा सरकार से उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार, नाजिया इलाही खान द्वारा मोहर्रम के जुलूस और धार्मिक परंपराओं को लेकर कथित रूप से गलत एवं आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। इस बयान के बाद शिया समुदाय की महिलाओं, युवतियों और बच्चियों में आक्रोश फैल गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वाराणसी आगमन के मद्देनजर महिलाओं ने अपने घरों में ही हाथों में तख्तियां लेकर विरोध दर्ज कराया और नाजिया इलाही खान के खिलाफ नारेबाजी की।
विरोध प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने कहा कि मोहर्रम शोक और बलिदान की याद का पर्व है, जिसे सभी धर्मों के लोग सम्मान और श्रद्धा के साथ देखते हैं। उनका आरोप है कि इस प्रकार के बयान सामाजिक सौहार्द और धार्मिक सद्भाव को प्रभावित करने का प्रयास हैं।
शिया समुदाय की प्रतिनिधि तनवीर फातिमा ने कहा कि नाजिया इलाही खान द्वारा दिए गए बयान से समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की टिप्पणियां मोहर्रम के दौरान माहौल बिगाड़ने की साजिश का हिस्सा हो सकती हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि मामले का संज्ञान लेते हुए उचित जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि समाज में शांति और भाईचारा बना रहे।
विरोध में शामिल बच्चियों ने भी मातमी अंदाज में अपना रोष व्यक्त किया और नाजिया इलाही खान के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मोहर्रम गम-ए-शहादत का प्रतीक है और इसे पूरे सम्मान और अनुशासन के साथ मनाया जाता है। ऐसे में किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक टिप्पणी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है।
शिया समुदाय की महिलाओं ने प्रशासन और सरकार से अपील की है कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित किया जाए तथा ऐसे मामलों में समय रहते उचित कार्रवाई कर सामाजिक सौहार्द को बनाए रखा जाए।




