सड़कों पर नीट ‘महाघोटाले’ का आक्रोश: दिशा छात्र संगठन ने घेरा एनडीए, पूछा- “क्या इलेक्टोरल बॉन्ड की तरह पेपर लीक भी बन गया है कमाई का धंधा?”
दुर्गाकुण्ड पर गूंजी पेपर लीक माफिया और भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ आवाज; NTA को तत्काल भंग करने की मांग

रिपोर्ट: वीरेंद्र पटेल।
वाराणसी। 15 मई 2026 धर्म और शिक्षा की नगरी वाराणसी का दुर्गाकुण्ड इलाका आज नीट (NEET 2026) परीक्षा के कथित पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के विरोध में छात्रों के जबरदस्त हुंकार से दहल उठा। दिशा छात्र संगठन के बैनर तले जुटे सैकड़ों छात्रों ने इस पूरी घटना को देश के 22 लाख नौजवानों के सपनों और उनके परिवारों के त्याग की ‘नीलामी’ करार दिया है। संगठन का आरोप है कि साल 2015, 2021 और 2024 के बाद यह चौथी बार है जब नीट का पेपर लीक माफियाओं की भेंट चढ़ गया, जिससे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की साख और कार्यप्रणाली पूरी तरह सवालों के घेरे में आ गई है।
सभा को संबोधित करते हुए दिशा के संयोजक ध्रुव ने सरकार और प्रशासन की चुप्पी पर तीखे प्रहार करते हुए कहा कि यदि 56 इंच का सीना ठोकने वाली सरकार में माफियाओं के प्रति ज़रा भी खौफ होता, तो आज असली मास्टरमाइंड सलाखों के पीछे होते। उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि पेपर लीक की यह परिघटना अब महज एक चूक नहीं, बल्कि नेता-मंत्रियों और बड़े अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा करोड़ों का संगठित धंधा बन गया है। ध्रुव ने यह भी रेखांकित किया कि पेपर लीक के अधिकांश मामले उन राज्यों में हुए हैं जहाँ सत्ताधारी दल का शासन है, जो पूरे तंत्र की मंशा पर संदेह पैदा करता है।
इस पूरे प्रकरण के मानवीय और आर्थिक पक्ष को उजागर करते हुए मुकुल ने बताया कि इस अनिश्चितता का सबसे भयावह असर गरीब और मजदूर परिवारों के उन छात्रों पर पड़ता है जिनके माता-पिता अपनी जमीन और गहने गिरवी रखकर कोचिंग की भारी फीस भरते हैं। खासकर गरीब घर की छात्राओं के लिए यह परीक्षा एक आखिरी उम्मीद की तरह होती है, जिसके रद्द होने का सीधा मतलब उन्हें वापस चूल्हे-चौखट की गुलामी में धकेलना है। कोटा जैसे शहरों में बढ़ती आत्महत्या की दरें इसी मानसिक तनाव का परिणाम हैं। अंत में संगठन के सदस्य ज्ञान ने स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है जब सरकार NTA से इन परीक्षाओं की जिम्मेदारी वापस लेकर स्वयं एक पारदर्शी और निष्पक्ष तंत्र विकसित करे, अन्यथा छात्रों का यह संघर्ष सड़कों से शुरू होकर सत्ता की दहलीज तक पहुंचेगा।




