CM योगी सरकार का बड़ा एक्शन: मंत्रियों के काफिले से हटेंगे 50% वाहन; पीएम मोदी की ‘बचत’ अपील पर जमीनी प्रहार

ब्यूरो रिपोर्ट: खबर भारत
लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और बढ़ते ऊर्जा संकट को देखते हुए की गई ‘संयम’ की अपील के बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कड़े और बड़े फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को एक अहम बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए कि केंद्र की बचत की अपील केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे जमीनी स्तर पर सख्ती से लागू किया जाए।
योगी सरकार के ‘कड़े फैसले’ एक नजर में:
- काफिलों पर कैंची: मंत्रियों, सांसदों और शीर्ष अफसरों के काफिले में तत्काल प्रभाव से 50% वाहनों की कटौती की जाएगी।
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग: अब मंत्री, सांसद और विधायक सप्ताह में कम से कम एक दिन अनिवार्य रूप से पब्लिक ट्रांसपोर्ट (मेट्रो/बस) से सफर करेंगे।
- वर्चुअल बैठकों पर जोर: सचिवालय की 50% बैठकों सहित सभी सरकारी सेमिनार, वर्कशॉप और कॉन्फ्रेंस अब पूरी तरह ऑनलाइन (वर्चुअल) आयोजित की जाएंगी।
- ‘नो व्हीकल डे’ की अपील: सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से भी सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाने का संकल्प लेने की अपील की है।
प्रधानमंत्री की 5 बड़ी अपीलें: क्यों है संयम की जरूरत?
पीएम मोदी ने 10 और 11 मई को सार्वजनिक मंच से देशवासियों के सामने पांच मुख्य बिंदु रखे थे:
1. सोना न खरीदने की अपील: विदेशी मुद्रा बचाने के लिए अगले एक साल तक सोना न खरीदने और शादी-ब्याह में इसे दान करने से बचने को कहा गया है।
2. ईंधन की बचत: अनावश्यक वाहन उपयोग कम करें, मेट्रो का सहारा लें और ज्यादा से ज्यादा कारपूलिंग अपनाएं।
3. खाद्य तेल में कटौती: हर परिवार अपने खाने के तेल के इस्तेमाल में थोड़ी कमी करे ताकि आयात पर निर्भरता कम हो।
4. प्राकृतिक खेती: रासायनिक खाद की खपत आधी करने के लिए तेजी से प्राकृतिक खेती की ओर कदम बढ़ाएं।
5. विदेश यात्राएं टालें: देशहित में छुट्टियों या अन्य कारणों से होने वाली विदेश यात्राओं को कुछ समय के लिए स्थगित करें।
विपक्ष का तीखा हमला: “नाकामी छुपाने के लिए उपदेश”
सरकार की इन अपीलों पर विपक्षी नेताओं ने कड़ा ऐतराज जताया है।
राहुल गांधी (कांग्रेस): राहुल ने ‘एक्स’ पर लिखा कि देश चलाना मोदी जी के बस की बात नहीं रही, ये उपदेश नहीं बल्कि सरकार की विफलता के सबूत हैं।
अखिलेश यादव (सपा): उन्होंने कहा कि भाजपा अर्थव्यवस्था और विदेश नीति संभालने में विफल रही है और चुनाव खत्म होते ही जनता पर बोझ डाल दिया गया है।
संजय सिंह (AAP): संजय सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि जब तक पांच राज्यों में चुनाव थे, तब तक सरकार बोझ उठा रही थी, अब जनता की उपयोगिता खत्म हो गई है।
ईरान-इजरायल युद्ध के कारण दुनिया भर में बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों और आर्थिक अस्थिरता के बीच केंद्र और यूपी सरकार के इन फैसलों ने देश में एक नई बहस छेड़ दी है।




