Chandauli

जमसोत प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील पर बड़ा सवाल: कुत्ते के झूठे चावल बच्चों को खिलाने का आरोप, वीडियो वायरल

रन्धा सिंह, चन्दौली

नौगढ़ (चन्दौली)। चन्दौली जिले के नौगढ़ तहसील क्षेत्र स्थित जमसोत गांव के प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक आवारा कुत्ता बच्चों के लिए रखे गए चावल को खाते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

 

 

 


वीडियो में दिखा कुत्ता, ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय के रसोईघर में बच्चों के लिए चावल तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान एक आवारा कुत्ता परिसर में घुस आया और चावल खाने लगा। रसोइया ने कुत्ते को तो भगा दिया, लेकिन ग्रामीणों का दावा है कि जिस चावल को कुत्ता झूठा कर गया था, उसी का उपयोग बाद में बच्चों के भोजन में कर लिया गया। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

 


बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि मिड-डे मील जैसी महत्वपूर्ण योजना में इस प्रकार की लापरवाही बच्चों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। उनका आरोप है कि यदि वायरल वीडियो की पुष्टि होती है तो यह शिक्षा विभाग और विद्यालय प्रशासन की बड़ी लापरवाही मानी जाएगी। ग्रामीणों ने दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

 


शिक्षकों की नियमित अनुपस्थिति का भी आरोप

ग्रामीण वीरेंद्र कुमार, शिव प्रसाद, संतोष, राम प्रसाद और रामबली ने आरोप लगाया कि विद्यालय में शिक्षक तैनात होने के बावजूद नियमित रूप से स्कूल नहीं आते हैं। उनका कहना है कि विद्यालय में लंबे समय से अव्यवस्थाएं बनी हुई हैं, लेकिन संबंधित अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने पूरे विद्यालय की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

 


प्रधानाध्यापक ने आरोपों को बताया निराधार

विद्यालय के प्रधानाध्यापक ज्ञानप्रकाश राय ने ग्रामीणों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बच्चों के लिए चावल रखा गया था, तभी अचानक एक कुत्ता वहां पहुंच गया। जैसे ही रसोइया की नजर पड़ी, उसने तत्काल कुत्ते को भगा दिया। उन्होंने दावा किया कि जिस चावल को कुत्ते ने छुआ था, उसे तुरंत हटा दिया गया और बच्चों के लिए नया चावल बनाकर भोजन तैयार कराया गया। उनके अनुसार, बच्चों को किसी भी प्रकार का झूठा भोजन नहीं परोसा गया।

 


जांच के बाद होगी कार्रवाई: खंड शिक्षा अधिकारी

खंड शिक्षा अधिकारी लालमणि कनौजिया ने बताया कि मामले की जानकारी उन्हें प्राप्त हुई है। वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में लापरवाही या आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदार लोगों को नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

 


ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो और विद्यालयों में मिड-डे मील योजना की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।

 

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