Varanasi

आज़ाद जयंती पर सेंट्रल जेल पहुंचे अधिवक्ता, वीरोचित सम्मान और अस्थिकलश की मुक्ति की उठाई मांग

तिरंगा, तख्तियां और श्रद्धांजलि के साथ किया नमन, ऐतिहासिक स्थल पर पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की

रिपोर्ट: वीरेंद्र पटेल।

 

वाराणसी। अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की जयंती पर गुरुवार को वाराणसी केंद्रीय कारागार परिसर में श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। बनारस बार के अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल तिरंगा और संदेश लिखी तख्तियां लेकर केंद्रीय जेल पहुंचा। अधिवक्ताओं ने आज़ाद के अस्थिकलश को वीरोचित सम्मान दिलाने और उसकी मुक्ति के लिए हरसंभव प्रयास करने का संकल्प भी दोहराया।

बनारस बार के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय एवं विनोद पांडेय ‘भैयाजी’ के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने जेल अधीक्षक राधे कृष्ण मिश्रा को संबोधित एक प्रार्थना पत्र सौंपा। इसमें उस ऐतिहासिक स्थान पर जाने की अनुमति मांगी गई, जहां बालक चंद्रशेखर तिवारी को अंग्रेजों द्वारा कोड़ों की सजा दी गई थी।

अनुमति मिलने के बाद अधिवक्ताओं का दल उस पवित्र स्थल पर पहुंचा और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान धूप-दीप जलाकर आज़ाद का स्मरण किया गया। अधिवक्ताओं के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर “आज़ाद के अस्थिकलश को वीरोचित सम्मान दो” और “नेहरू जी को नेहरू घाट, आज़ाद को डबल लॉक” जैसे संदेश लिखे थे।

कार्यक्रम में जेल अधीक्षक राधे कृष्ण मिश्रा सहित जेल प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी भी शामिल हुए। पूरे परिसर में “अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद अमर रहें” और “जब तक सूरज-चांद रहेगा, चंद्रशेखर आज़ाद का नाम रहेगा” जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा।

इस अवसर पर बनारस बार के पूर्व अध्यक्ष राजेश मिश्रा, पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय सहित कई अधिवक्ताओं ने आज़ाद के बलिदान और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को याद करते हुए उनके सम्मान को राष्ट्र का सम्मान बताया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

इसके बाद अधिवक्ताओं ने केंद्रीय जेल परिसर में स्थापित चंद्रशेखर आज़ाद की आदमकद प्रतिमा, उनके हस्ताक्षर वाली पट्टिका और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के स्मृति स्थल पर जाकर नमन किया। कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब जेल में बंद कैदियों ने अधिवक्ताओं से आज़ाद के चित्र स्मृति के रूप में अपने पास रखने की इच्छा जताई। इससे पूरे आयोजन का भावनात्मक महत्व और भी बढ़ गया।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button