वाराणसी: विश्व पर्यावरण दिवस पर रैली, संगोष्ठी और चित्रकला प्रतियोगिता, बच्चों ने प्रकृति संवर्धन का संकल्प लिया

वाराणसी, 5 जून 2026। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता बढ़ाने हेतु बी.एन.एस. इंटर कॉलेज एवं बी.एन.एस. महिला महाविद्यालय में आज भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन क्षेत्रीय कार्यालय, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वाराणसी द्वारा किया गया जबकि इसका संयोजन सृजन सोशल डेवलपमेंट ट्रस्ट, वाराणसी ने किया।
कार्यक्रम की थीम संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा निर्धारित “प्रकृति से प्रेरित, जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए” थी। इस थीम को केंद्र में रखते हुए विद्यार्थियों, शिक्षकों, पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश आम जनता तक पहुँचाने का दृढ़ संकल्प जताया।
कार्यक्रम की शुरुआत एक जागरूकता रैली के साथ हुई जिसमें कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। हाथों में पर्यावरण संरक्षण संबंधी संदेश लिखी तख्तियाँ लेकर उन्होंने जागरूकता फैलाई। रैली के दौरान “पेड़ लगाओ, पर्यावरण बचाओ”, “स्वच्छ पर्यावरण, स्वस्थ जीवन” और “जल है तो कल है” जैसे नारों से माहौल जीवंत हो उठा। विद्यार्थियों ने आमजन से प्लास्टिक उपयोग घटाने, जल संरक्षण और अधिक से अधिक पेड़ लगाने का आग्रह किया।
रैली के बाद आयोजित संगोष्ठी में पर्यावरण विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि बढ़ता प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों का अनियंत्रित दोहन मानवता के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। यदि समय पर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आगामी पीढ़ियाँ इसके दुष्परिणामों का सामना करेंगी। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को केवल सरकारी जिम्मेदारी न मानते हुए इसे प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व बताया।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, हरित पृथ्वी, जल संरक्षण और स्वच्छता जैसे विषयों पर अपनी कला प्रस्तुत की। प्रतिभागियों के बनाए चित्रों ने उपस्थित लोगों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश दिया और युवा पीढ़ी की रचनात्मक प्रतिबद्धता दिखाई।
सृजन सामाजिक विकास न्यास के अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस तक सीमित उत्सव नहीं होना चाहिए, इसे व्यापक जन-आंदोलन का रूप दिया जाना आवश्यक है। उन्होंने प्रकृति के संरक्षण और संतुलित विकास के माध्यम से सुरक्षित व समृद्ध भविष्य का महत्व बताया और विद्यार्थियों से रोजमर्रा की आदतों में पर्यावरण हितैषी बदलाव अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों और उपस्थित नागरिकों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली। उन्होंने जीवन में अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने, जल और ऊर्जा की बचत करने तथा स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया। यह आयोजन पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और समाज को प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल साबित हुआ।




