
वाराणसी के आदमपुर थाना क्षेत्र स्थित पठानी टोला इलाके में मंगलवार को अचानक हड़कंप मच गया। मुंबई एटीएस, उत्तर प्रदेश एटीएस और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की संयुक्त टीम ने कथित टेरर फंडिंग के संदेह में एक स्थानीय चिकित्सक के आवास पर छापेमारी की। यह कार्रवाई संदिग्ध आतंकी नेटवर्क से जुड़े इनपुट के आधार पर की गई, जिसमें पाकिस्तान और कश्मीर से संबंधित कनेक्शन सामने आए।

टीम ने बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आरिफ अंसारी के घर पहुंचकर लगभग 5 से 7 घंटे तक सघन तलाशी और पूछताछ की। डॉक्टर आरिफ अंसारी हाजरा हॉस्पिटल चलाते हैं और पठानी टोला, आदमपुर में रहते हैं। छापेमारी के दौरान टीम ने परिवार के सदस्यों से विस्तृत जानकारी ली तथा मोबाइल फोन, लैपटॉप, प्रिंटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की गहन जांच की। कुछ जरूरी दस्तावेज और डिवाइस भी जब्त किए गए।

छापेमारी का मुख्य फोकस डॉक्टर के बेटे अबू बकर (लगभग 20 वर्षीय) पर रहा, जो वर्तमान में NEET की तैयारी कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, अबू बकर पर एक कश्मीरी हैंडल के जरिए व्हाट्सएप पर संदिग्ध बातचीत करने का आरोप है। यह हैंडल कथित तौर पर पाकिस्तान से जुड़े लोगों के संपर्क में था। इसी इनपुट पर आधारित खुफिया जानकारी के बाद एटीएस और IB की टीम वाराणसी पहुंची और बेटे से लंबे समय तक पूछताछ की गई। टीम ने मोबाइल, बैंक अकाउंट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की।

सूत्रों का कहना है कि यह छापेमारी आतंकियों को फंडिंग और संदिग्ध संचार से जुड़े बड़े मॉड्यूल की जांच का हिस्सा हो सकती है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की संभावना है।
पठानी टोला इलाका वाराणसी का एक घनी आबादी वाला क्षेत्र है। इस छापेमारी से स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा और अटकलें फैल गईं। डॉक्टर आरिफ अंसारी परिवार के अन्य सदस्य साड़ी का कारोबार करते हैं, जिसके चलते परिवार का बाहर आना-जाना सामान्य रहा है। हालांकि, जांच एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से ले रही हैं और पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।
यह घटना सुरक्षा एजेंसियों द्वारा देश में सक्रिय संदिग्ध आतंकी फंडिंग और ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन के खिलाफ चल रही सतर्क कार्रवाइयों का हिस्सा प्रतीत होती है। आगे की जांच में अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।




