
आरिफ़ अंसारी, वाराणसी
वाराणसी। वाराणसी पुलिस और एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना शिवपुर क्षेत्र में 3 जून को हुई करोड़ों रुपये की चोरी की सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने अंतरजनपदीय चोर गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 2 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के आभूषण, डायमंड ज्वेलरी और लाखों रुपये की नकदी बरामद की है। पुलिस अधिकारियों ने इस सफल कार्रवाई को हाल के दिनों की सबसे बड़ी चोरी के खुलासों में से एक बताया है।
3 जून को हुई थी करोड़ों की चोरी
जानकारी के अनुसार 3 जून को शिवपुर थाना क्षेत्र स्थित एक मकान में बड़ी चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। चोर घर से भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण और नकदी लेकर फरार हो गए थे। घटना के बाद पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसओजी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम गठित की थी।
लगातार 10 दिनों तक तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से जांच चलती रही, जिसके बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
मुठभेड़ के बाद दबोचा गया एक आरोपी
पुलिस कार्रवाई के दौरान गिरोह के एक सदस्य को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया, जबकि तीन अन्य आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार बदमाशों की पहचान गैंग के सरगना विशाल, उसके साथी यश सिंह राजपूत, रोहित पाल और अमन सेठ के रूप में हुई है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि अमन सेठ चोरी किए गए सोने को गलाकर उसकी पहचान मिटाने का काम करता था, ताकि चोरी के माल को आसानी से बाजार में खपाया जा सके। पुलिस अब गिरोह के एक अन्य फरार सदस्य की तलाश में जुटी हुई है।
बरामदगी देख पुलिस भी रह गई हैरान
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने भारी मात्रा में चोरी का माल बरामद किया है। बरामद सामान में लगभग 900 ग्राम सोना, जिसे आठ ईंटों के रूप में ढाला गया था, शामिल है।
इसके अलावा दो सोने की चेन, डायमंड का मंगलसूत्र, डायमंड टॉप्स, सोने और हीरे की अंगूठियां, कान की बालियां, दो सोने के धागे, तीन कंगन और 4 लाख 27 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। बरामद संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपये आंकी गई है।
रेकी कर चुनते थे सुनसान मकान
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह पेशेवर और आदतन अपराधियों का है। गैंग के सदस्य पहले बड़ी कॉलोनियों और पॉश इलाकों की रेकी करते थे। इसके बाद ऐसे मकानों को चिन्हित किया जाता था जहां मालिक लंबे समय तक घर से बाहर रहते थे या मकान सुनसान रहता था।
मौका मिलते ही गिरोह के सदस्य ताला तोड़कर घर में प्रवेश करते और लाखों-करोड़ों रुपये के कीमती सामान पर हाथ साफ कर फरार हो जाते थे।
आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। गैंग के मास्टरमाइंड विशाल के खिलाफ विभिन्न थानों में करीब 15 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि उसके साथी यश सिंह राजपूत के खिलाफ 11 मुकदमे पहले से दर्ज हैं।
पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी लालपुर थाना क्षेत्र की भक्ति नगर कॉलोनी में किराए पर रहकर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे।
पुलिस टीम को मिलेगा एक लाख रुपये का पुरस्कार
कमिश्नरेट पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल चोरी का खुलासा करने वाली एसओजी और शिवपुर पुलिस की टीम की सराहना की है। अधिकारियों ने टीम को एक लाख रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही पूरे गिरोह का नेटवर्क ध्वस्त कर दिया जाएगा।
एसओजी और शिवपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई बनी मिसाल
महज दस दिनों के भीतर करोड़ों रुपये की चोरी का खुलासा कर वाराणसी पुलिस और एसओजी ने एक बार फिर अपनी सक्रियता और पेशेवर कार्यशैली का परिचय दिया है। इस कार्रवाई से न केवल पीड़ित परिवार को राहत मिली है, बल्कि शहर में सक्रिय संगठित चोरी गिरोहों के खिलाफ भी बड़ा संदेश गया है।




