सैदपुर ब्लॉक पहुंचे डीएम अनुपम शुक्ला, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की सुनी समस्याएं; रोजगार, ऋण और बाजार उपलब्ध कराने के दिए निर्देश
आकाश पाण्डेय, गाज़ीपुर

सैदपुर (गाजीपुर)। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत गठित स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उनकी समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से मंगलवार को सैदपुर ब्लॉक परिसर में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासक के रूप में कार्य कर रहे ग्राम प्रधानों के साथ बैठक कर ग्रामीण विकास कार्यों की समीक्षा भी की।
जिलाधिकारी ने एक-एक कर महिलाओं से उनके स्वरोजगार, आय और व्यवसाय से जुड़ी जानकारी ली तथा जहां भी कठिनाइयां सामने आईं, वहां संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त के अवसर पर सैदपुर ब्लॉक को 25 हजार तिरंगा झंडे तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है। समूह की महिलाओं ने भरोसा दिलाया कि वे 10 अगस्त तक लक्ष्य पूरा कर लेंगी।
डीएम ने फूलों की खेती करने वाली महिलाओं को बूढ़ेनाथ महादेव, बिछुड़नाथ महादेव और कैथी स्थित मार्कण्डेय महादेव मंदिर परिसर में स्टॉल लगाने की सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। साथ ही परिषदीय विद्यालयों में 10 से 15 प्रतिशत स्कूल ड्रेस स्वयं सहायता समूहों से खरीदने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान नंदगंज में हथकरघा प्रशिक्षण के लिए महिलाओं को भेजने, जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजनाओं में समूह की महिलाओं को ऑपरेटर के रूप में नियुक्त करने तथा बैंकों में लंबित ऋण आवेदनों का 15 दिनों के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि अधिक से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने के लिए ग्राम प्रधानों और सफाई कर्मियों का सहयोग लिया जाए तथा गांवों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।
समूह की महिला गीता देवी ने हल्दी की खेती के उत्पाद की बिक्री की समस्या उठाई, जिस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम ज्योति चौरसिया को व्यापारियों के साथ बैठक कर विपणन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं सरिता देवी ने टिफिन सेवा शुरू करने के लिए ऋण की मांग रखी। इस पर डीएम ने जिले के सभी डिग्री कॉलेजों में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए कैंटीन संचालित करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। महिला मेठों का मस्टररोल जारी न होने की शिकायत पर भी संबंधित अधिकारियों को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दूसरे सत्र में प्रशासक के रूप में कार्यरत ग्राम प्रधानों ने ग्रामीण क्षेत्रों की विभिन्न समस्याओं से जिलाधिकारी को अवगत कराया। अमदही में वर्षों से विकास कार्य लंबित होने, हमलपुर में विद्यालय मार्ग का निर्माण न होने, लौलहा में चकरोड पर अतिक्रमण, मठसरैया में तीन वर्ष से मस्टररोल जारी न होने, शेखपुर में जर्जर पंचायत भवन और चांदपुर में विद्यालय भवन की खराब स्थिति सहित कई मुद्दे उठाए गए।
ग्राम प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष रजई यादव ने बताया कि 11 से 12 गांवों में 25 सड़कों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ है। इसके अलावा हथौड़ा सहित कई गांवों में जलनिकासी की समस्या भी प्रमुख रूप से उठाई गई। जिलाधिकारी ने सभी शिकायतों का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी, ब्लॉक स्तरीय कर्मचारी, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं एवं ग्राम प्रधान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।




