मुगलसराय के जीटी रोड पर स्थित मां काली का प्राचीन मंदिर आस्था का केंद्र
रंधा सिंह, चन्दौली

चंदौली। मुगलसराय के जीटी रोड के बीचों-बीच स्थित मां काली का प्राचीन मंदिर लोगों की आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। सैकड़ों वर्षों पुराने इस मंदिर की ख्याति न सिर्फ आसपास के जिलों तक सीमित है बल्कि बिहार के बक्सर, कैमूर, रोहतास समेत दूर-दराज के क्षेत्रों तक फैली हुई है।
नीना वैश्य, जिलाउपाध्यक्ष, विश्व हिंदू परिषद, चन्दौली
नीना वैश्य, विश्व हिंदू परिषद की जिलाउपाध्यक्ष चंदौली का कहना है कि माता काली अपने भक्तों की हर मन्नत पूरी करती हैं। यहां सालभर हवन-पूजन और कथा-श्रवण का आयोजन होता रहता है। खासतौर पर चैत्र और शारदीय नवरात्र में यहां भारी भीड़ उमड़ती है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु भंडारे में प्रसाद ग्रहण करते हैं।
विजय गुरु (पुरोहित) मुग़लसराय
वहीं मंदिर के प्रोहित विजय गुरु ने बताया कि यह मंदिर लगभग 200 साल पुराना है। इसकी सबसे खास बात यह है कि ब्रिटिश काल में जब रेलवे लाइन बिछाई जा रही थी, तब भी यह मंदिर जीटी रोड के बीचों-बीच उसी स्थान पर स्थापित रहा और इसे कभी हटाया नहीं जा सका।
इस मंदिर की प्रसिद्धि इतनी दूर तक है कि यहां फिल्म अभिनेता और दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी ने अपने भक्ति गीतों की शुरुआत की थी। कई बड़े कलाकार भी यहां दर्शन कर चुके हैं और अपने करियर में सफलता की कामना की है।
मुगलसराय का यह मंदिर आज भी न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि स्थानीय और बाहरी श्रद्धालुओं की आस्था का आधार बना हुआ है।




