वाराणसी में बढ़ते गंगा जलस्तर से 84 घाटों के संपर्क मार्ग टूटे, कई मंदिर जलमग्न; आरती स्थल बदलने की तैयारी
हरिश्चंद्र घाट पर चरण पादुका और काशी महाश्मशाननाथ मंदिर तक पहुंचा पानी, बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट

आरिफ़ अंसारी, वाराणसी
वाराणसी। लगातार हो रही बारिश और पहाड़ों से गंगा में आ रहे पानी के कारण वाराणसी में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जलस्तर में वृद्धि का असर अब शहर के प्रमुख घाटों पर साफ दिखाई देने लगा है। कई घाटों के बीच बने संपर्क मार्ग पानी में डूबने से आवागमन बाधित हो गया है। घाटों पर धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ स्थानीय कारोबार भी प्रभावित होने लगा है।
हरिश्चंद्र घाट पर गंगा का पानी कई हिस्सों में पहुंच गया है। यहां स्थित चरण पादुका, राजा हरिश्चंद्र मंदिर और काशी महाश्मशाननाथ मंदिर भी जलमग्न हो गए हैं। पानी बढ़ने के साथ घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार प्रभावित हो रही है और कई लोग अपने धार्मिक अनुष्ठान सामान्य तरीके से नहीं कर पा रहे हैं।
दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती पर भी असर
गंगा का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती के मौजूदा स्थल को भी बदलना पड़ सकता है। जानकारी के मुताबिक आरती स्थल पर लगी छतरियां हटा दी गई हैं और अगले एक-दो दिनों में जलस्तर की स्थिति को देखते हुए आरती को ऊपरी हिस्से में स्थानांतरित करने की आवश्यकता पड़ सकती है।
खतरे का निशान 71.26 मीटर
केंद्रीय जल आयोग से जुड़े उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वाराणसी में गंगा का चेतावनी स्तर 70.26 मीटर, जबकि खतरे का निशान 71.26 मीटर है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार वाराणसी में गंगा का जलस्तर 63.36 मीटर दर्ज किया गया है। जलस्तर में करीब दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि हो रही है। आयोग के मुताबिक अगले 48 घंटे तक गंगा के जलस्तर में बढ़ाव जारी रहने की संभावना है। प्रयागराज से वाराणसी की ओर आने वाले पानी के साथ मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की नदियों का पानी भी गंगा में पहुंच रहा है। इसका असर वाराणसी में गंगा के जलस्तर पर दिखाई दे रहा है।
घाटों पर बढ़ाई गई निगरानी
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने घाटों पर सतर्कता बढ़ा दी है। जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें स्थिति पर नजर रख रही हैं। लोगों को नदी के किनारे जाने और गहरे पानी में उतरने से बचने की सलाह दी जा रही है। घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ रहे पानी ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या प्रभावित होने से पूजा-पाठ से जुड़े छोटे कारोबारियों, नाविकों और दुकानदारों पर भी इसका असर पड़ रहा है।
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों के निचले हिस्सों में जाने से बचें और किसी भी तरह की जोखिम भरी गतिविधि न करें। आने वाले दिनों में बारिश और जलस्तर की स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक टीमें लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।




