Varanasi

स्मार्ट सिटी वाराणसी की जमीनी हकीकत: 6 महीने से जलभराव में डूबा बजरडीहा-जोल्हा दक्षिणी

बजरडीहा की गलियां बनीं तालाब, सीवर के गंदे पानी के बीच आवाजाही को मजबूर स्थानीय लोग; नगर निगम और जनप्रतिनिधियों से स्थायी समाधान की मांग

आरिफ़ अंसारी, वाराणसी

 

    

वाराणसी। स्मार्ट सिटी वाराणसी में विकास के दावों के बीच बजरडीहा-जोल्हा दक्षिणी इलाके की तस्वीरें जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही हैं। वाराणसी कैन्ट के वार्ड नंबर 27 में पिछले करीब छह महीनों से जलभराव की समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र की लगभग हर गली में लंबे समय से गंदा पानी जमा है, जिसके चलते रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश और घरों के आसपास का पानी लंबे समय तक जमा रहता है। कई गलियों में स्थिति ऐसी है कि लोगों को इसी गंदे पानी के बीच से होकर आवागमन करना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है।

लोगों का कहना है कि लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण इलाके में गंदगी और दुर्गंध की समस्या भी बढ़ गई है। जलभराव के चलते मच्छरों का प्रकोप बढ़ने के साथ ही संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि जल्द जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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छह महीने से समस्या, फिर भी स्थायी समाधान का इंतजार

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जलभराव की समस्या कोई एक-दो दिन पुरानी नहीं है, बल्कि करीब छह महीने से क्षेत्र के लोग इससे जूझ रहे हैं। इसके बावजूद अब तक जल निकासी की ऐसी स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी, जिससे समस्या का समाधान हो सके।

क्षेत्र की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों ने नगर निगम, प्रशासन और संबंधित विभागों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि केवल पानी निकालने की अस्थायी व्यवस्था करने के बजाय जल निकासी की पूरी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाना चाहिए, ताकि बारिश या अन्य कारणों से दोबारा ऐसी स्थिति पैदा न हो।

जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल

जलभराव को लेकर जारी प्रेस विज्ञप्ति में स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि कैंट विधानसभा क्षेत्र में यदि किसी इलाके की गलियां छह महीने से जलभराव की समस्या से जूझ रही हैं, तो यह संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

वहीं, समाजवादी पार्टी से जुड़े अमन यादव का सीधा सवाल है कि जब वाराणसी को स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित किया जा रहा है, तो बजरडीहा-जोल्हा दक्षिणी की गलियां महीनों से जलभराव की समस्या से क्यों जूझ रही हैं?

 

लोगों ने प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि मौके का स्थलीय निरीक्षण कर तत्काल जल निकासी कराई जाए, सीवर और नालियों की व्यवस्था दुरुस्त की जाए तथा भविष्य में जलभराव की समस्या दोबारा न हो, इसके लिए स्थायी समाधान किया जाए।

 

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