Varanasi

नमो घाट पर गार्ड की फिर गुंडागर्दी, बिहार से आये पर्यटकों के साथ मारपीट, लाठी-डंडों से घेरकर पीटा; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

मई में नाबालिग पर्यटक की मौत के बाद भी नहीं थम रहे विवाद, भभुआ से आए पांच युवकों की पिटाई का वीडियो वायरल; आदमपुर पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल

नीरज सिंह, वाराणसी

 

 

~ नमो घाट के वाहन स्टैंड के गार्ड ने की युवकों की पिटाई

~ गेट खोलने के लिए कहने से भड़का गार्ड, गुंडों को बुलाकर युवकों को पीटा

~ रात होने पर घर जाना चाह रहे थे बिहार से आये युवक

~ स्टैंड के गार्ड ने साथियों के साथ मिलकर गेट बंद कर की पिटाई

~ पीड़ितों ने की पुलिस से शिकायत, जांच की बात कहकर टरकाया

~ कुछ महीनों पहले गार्ड की पिटाई से एक युवक की हुई थी मौत

~ आदमपुर थाना क्षेत्र के नमो घाट का मामला, घाट पर गुंडागर्दी रोकने में लाचार आदमपुर पुलिस

 

 

वाराणसी। वाराणसी के नमो घाट पर पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घाट पर तैनात निजी सुरक्षा कर्मियों, बाउंसरों और नाविकों पर पर्यटकों के साथ मारपीट का आरोप लगा है। सोमवार रात बिहार के भभुआ से नमो घाट घूमने पहुंचे पांच युवकों को कथित तौर पर घेरकर लाठी-डंडों और लात-घूंसों से पीटा गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

 

वीडियो सामने आने के बाद नमो घाट की सुरक्षा व्यवस्था और वहां तैनात निजी सुरक्षा कर्मियों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पीड़ित युवकों ने आदमपुर थाने में लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद शुरुआत में पुलिस की ओर से तत्काल कार्रवाई नहीं की गई और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई।

गेट बंद होने को लेकर शुरू हुआ विवाद

बताया गया कि सोमवार रात करीब 10 बजे बिहार के भभुआ निवासी हुरैरा अंसारी (17) अपने दोस्त मो. राकीब, अरमान फारुकी समेत पांच युवकों (जिसमे से 4 नाबालिग) के साथ नमो घाट घूमने पहुंचे थे। देर रात घाट बंद होने के बाद सभी युवक गेट नंबर दो से वाहन स्टैंड की तरफ जाने लगे।

आरोप है कि गेट बंद मिलने पर युवकों ने वहां मौजूद सुरक्षा गार्ड से गेट खोलने के लिए कहा। इसी दौरान गार्ड ने युवकों से उनका नाम पूछा। आरोप है कि नाम पूछने के बाद बातचीत गाली-गलौज तक पहुंच गई और इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया।

गार्ड और नाविकों पर घेरकर पीटने का आरोप

पीड़ित युवकों का आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद वहां मौजूद कुछ सिक्योरिटी गार्ड और नाविकों ने उन्हें घेर लिया। इसके बाद उनके साथ लाठी-डंडों और लात-घूंसों से मारपीट की गई।

युवकों ने किसी तरह मौके से निकलकर राजघाट की तरफ पहुंचकर अपनी जान बचाई। बाद में आसपास के लोगों की मदद से पुलिस को घटना की जानकारी दी गई।

वायरल वीडियो में दिखी मारपीट

घटना से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। वायरल वीडियो में पांच-छह लोग युवकों को घेरे हुए दिखाई दे रहे हैं। कुछ लोग युवकों के साथ हाथापाई करते नजर आ रहे हैं, जबकि सिक्योरिटी गार्ड की वर्दी पहना एक व्यक्ति कथित तौर पर लाठी से युवकों की पिटाई करता दिखाई दे रहा है।

हालांकि, वायरल वीडियो की पूरी परिस्थितियों और उसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

तहरीर के बाद भी कार्रवाई में देरी का आरोप

पीड़ितों का आरोप है कि घटना के बाद उन्होंने आदमपुर थाने में लिखित तहरीर दी, लेकिन बीती रात तत्काल कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा, तब पुलिस हरकत में आई।

वहीं, मामले में चंदन नाम के एक दरोगा पर भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि उन्होंने कथित तौर पर पीड़ितों पर ही दबाव बनाने और मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस संबंध में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

मई में नाबालिग पर्यटक की मौत के बाद भी सवाल कायम

नमो घाट पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल इसलिए भी गंभीर हैं क्योंकि मई 2026 में इसी तरह के विवाद के बाद सोनभद्र से आए 17 वर्षीय पर्यटक राजेंद्र उर्फ चिंटू जायसवाल की मौत हो गई थी।

 

बताया गया था कि गेट नंबर दो के पास प्रवेश और समय को लेकर विवाद के बाद निजी सुरक्षा गार्डों और बाउंसरों पर मारपीट का आरोप लगा था। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार सुरक्षा गार्डों और एजेंसी संचालक समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया था।

उस घटना के बाद उम्मीद थी कि नमो घाट पर पर्यटकों की सुरक्षा और निजी सुरक्षा कर्मियों की कार्यप्रणाली को लेकर सख्त व्यवस्था की जाएगी। लेकिन अब एक बार फिर पर्यटकों से कथित मारपीट का वीडियो सामने आने से सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सुरक्षा व्यवस्था में सुधार कितना हुआ?

 

नमो घाट पर सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

नमो घाट वाराणसी आने वाले पर्यटकों के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। पर्यटकों के साथ विवाद और मारपीट की घटनाओं के आरोप सामने आने से घाट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यटकों के साथ किसी भी तरह का विवाद होने पर कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस और प्रशासन को सूचना दी जानी चाहिए। वहीं निजी सुरक्षा कर्मियों और बाउंसरों की भूमिका को लेकर भी स्पष्ट जवाबदेही तय किए जाने की जरूरत है।

नमो घाट पर व्यवस्था बनाए रखने और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पुलिस चौकी भी स्थापित की गई है। ऐसे में सवाल यह है कि अगर घाट पर तैनात सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी के बावजूद पर्यटकों को कथित तौर पर घेरकर लाठी-डंडों से पीटा जा रहा है, तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी?

एडीसीपी काशी ने लिया वीडियो का संज्ञान, दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा

सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई। एडीसीपी काशी जोन वैभव बांगर ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए कहा कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वीडियो की जांच के बाद घटना में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल वायरल वीडियो और पीड़ितों की तहरीर के आधार पर मामले की जांच और पुलिस की आगे की कार्रवाई का इंतजार है। मारपीट के आरोपों और पुलिस पर लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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