Jaunpur

जौनपुर में डेंगू-स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, आठ महीने में 1251 लोगों की जांच

जिले में डेंगू के 6 और स्वाइन फ्लू के 13 मरीज मिले, अस्पताल में 10 बेड का विशेष वार्ड तैयार; गांव से शहर तक एंटीलार्वा छिड़काव तेज

राजकुमार बेनवंशी, संवाददाता, जौनपुर 

 

जौनपुर। जिले में डेंगू और स्वाइन फ्लू संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। बदलते मौसम के बीच बुखार और संक्रमण के मामलों पर लगातार निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से 8 सितंबर 2026 तक जिला अस्पताल में 1251 लोगों की डेंगू जांच की गई, जिनमें 6 मरीज डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। वहीं, जिले में अब तक स्वाइन फ्लू के 13 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से अधिकांश मरीजों की जांच लखनऊ और वाराणसी में कराई गई है।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और संभावित मरीजों की पहचान के लिए अस्पतालों में आने वाले बुखार के मरीजों की निगरानी की जा रही है।

बुखार के मरीजों पर विशेष नजर

जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय कुमार कनौजिया के मुताबिक, ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचने वाले बुखार के मरीजों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। डेंगू या अन्य संक्रमण से जुड़े लक्षण दिखाई देने पर मरीजों की आवश्यक जांच कराई जा रही है।

मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए जिला अस्पताल में 10 बेड का विशेष वार्ड भी तैयार किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को अलग रखकर उपचार दिया जा सके।

गांव से शहर तक एंटीलार्वा का छिड़काव

डेंगू के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक एंटीलार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। मच्छरों के प्रजनन वाले संभावित स्थानों की पहचान कर वहां लार्वा नियंत्रण की कार्रवाई की जा रही है।

सीएमओ डॉ. गंगाराम गौतम के अनुसार, रैपिड रिस्पांस टीम (RRT) संक्रमण की गतिविधियों पर नजर रख रही है। किसी क्षेत्र से संक्रमण या बुखार के मामलों की सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई कर रही है।

ब्लॉक स्तर पर रैपिड रिस्पांस टीम गठित

स्वास्थ्य विभाग ने ब्लॉक स्तर पर रैपिड रिस्पांस टीमों का गठन किया है। सूचना मिलने के बाद ये टीमें मरीज के घर पहुंचकर फीवर सर्वे, टेस्टिंग और सैंपलिंग के साथ मच्छरों के प्रजनन स्थलों का सर्वे करती हैं।

इसके अलावा टीम की ओर से ब्रीडिंग सोर्स की पहचान, सोर्स रिडक्शन, एंटीलार्वा रसायन का छिड़काव और आवश्यक दवाओं की किट का वितरण भी किया जा रहा है। इसका उद्देश्य संक्रमण के संभावित स्रोतों को समय रहते नियंत्रित करना है।

जांच और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध

जिला अस्पताल में डेंगू की जांच के लिए एलिजा जांच मशीन और आवश्यक किट उपलब्ध हैं। इसके साथ ही ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन की सुविधा भी मौजूद है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जरूरत पड़ने पर मरीजों को उपचार और आवश्यक रक्त घटक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

इसके अलावा जिला अस्पताल के साथ सभी सीएचसी केंद्रों पर आइसोलेटेड डेंगू वार्ड स्थापित किए गए हैं, ताकि डेंगू के संदिग्ध या संक्रमित मरीजों को आवश्यकता के अनुसार अलग रखकर उपचार दिया जा सके।

स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी

डेंगू और स्वाइन फ्लू के मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और रोकथाम की गतिविधियां तेज कर दी हैं। विभाग का जोर समय पर मरीजों की पहचान, जांच, उपचार और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करने पर है। अधिकारियों का कहना है कि संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button