Varanasi में अखिलेश यादव के पोस्टर पर सियासी बवाल, साथ में दिखीं अतीक-मुख्तार समेत कई चेहरों की तस्वीरें
पांडेयपुर ओवरब्रिज पर लगा विवादित बैनर, ‘माफियाराज और अखिलेश’ का लिखा था नारा; पोस्टर लगाने वालों की पहचान स्पष्ट नहीं

विशाल कन्नौजिया, संवाददाता, वाराणसी
वाराणसी। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक पोस्टरबाजी का सिलसिला तेज होता नजर आ रहा है। सोमवार को वाराणसी के पांडेयपुर ओवरब्रिज पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तस्वीर वाला एक विवादित बैनर सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई।
बैनर में अखिलेश यादव के साथ अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी, रमाकांत यादव, उमाकांत यादव और मुन्ना बजरंगी की तस्वीरें लगाई गई थीं। बैनर पर बड़े अक्षरों में “माफियाराज और अखिलेश, लूट लिया था पूरा प्रदेश” लिखा हुआ था।
पांडेयपुर ओवरब्रिज शहर के प्रमुख मार्गों में शामिल है और यहां से रोजाना बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। ऐसे में बैनर सामने आते ही इलाके में इसकी चर्चा शुरू हो गई। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक इसे किस व्यक्ति या संगठन ने लगाया, इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है।
सपा नेताओं ने जताया विरोध
बैनर की जानकारी सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों ने इसका विरोध किया और इसे मौके से हटाया। इस तरह के पोस्टर को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति बन गई है। हालांकि, बैनर लगाने वाले लोगों की पहचान और इसके पीछे की जिम्मेदारी अभी स्पष्ट नहीं है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों के बीच पोस्टर और सोशल मीडिया के जरिए एक-दूसरे पर निशाना साधने का सिलसिला तेज हुआ है। राज्य के कई हिस्सों में अखिलेश यादव और सपा के खिलाफ इसी तरह के पोस्टर सामने आने की रिपोर्टें भी प्रकाशित हुई हैं।
वाराणसी में इससे पहले भी अखिलेश यादव को लेकर विवादित पोस्टर सामने आ चुके हैं। मई 2026 में रामनगर में लगे एक पोस्टर को लेकर सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस में शिकायत भी की थी।
फिलहाल पांडेयपुर के ताजा मामले में मुख्य सवाल यही है कि बैनर किसने लगाया और इसे लगाने की अनुमति थी या नहीं। पुलिस या प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।




