“नया बूथ, नया बोर्ड… और नाम लिखने में इतनी बड़ी लापरवाही”, पाण्डेयपुर को बना दिया ‘पाण्डेयपर’
पांडेयपुर चौराहे पर नए ट्रैफिक पुलिस बूथ के बोर्ड में वर्तनी की गलती आई सामने, निर्माण और बोर्ड लगाने से पहले जांच की व्यवस्था पर उठे सवाल

आरिफ़ अंसारी, वाराणसी
वाराणसी। शहर के प्रमुख और व्यस्त चौराहों में शामिल पांडेयपुर चौराहे पर यातायात पुलिस के नए बूथ के बोर्ड पर नाम लिखने में हुई गलती चर्चा का विषय बन गई है। चौराहे पर हाल ही में तैयार किए गए नए यातायात पुलिस बूथ के बोर्ड पर ‘पाण्डेयपुर’ की जगह ‘पाण्डेयपर’ लिखा गया है। सार्वजनिक स्थान पर लगे इस बोर्ड में नाम की वर्तनी गलत होने के बाद संबंधित कार्य की गुणवत्ता और जिम्मेदार विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के मुताबिक, पांडेयपुर चौराहे पर पहले से मौजूद पिंक बूथ को हटाकर हाल ही में नया यातायात पुलिस बूथ तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य चौराहे पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और पुलिसकर्मियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़ा है। लेकिन नए बूथ पर लगाए गए बोर्ड में ही स्थान के नाम की वर्तनी गलत होने से यह निर्माण कार्य अब अपनी इस चूक को लेकर चर्चा में है।
बोर्ड लगाने से पहले क्यों नहीं हुई जांच?
पांडेयपुर चौराहा शहर के महत्वपूर्ण यातायात केंद्रों में से एक है। यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं और यातायात पुलिस की तैनाती भी व्यवस्था बनाए रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। ऐसे सार्वजनिक स्थान पर लगाए जाने वाले बोर्ड पर नाम और अन्य विवरण सही होना जरूरी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बोर्ड तैयार करने के बाद उसे बूथ पर लगाने से पहले उसकी वर्तनी और अन्य जानकारियों की जांच की जानी चाहिए थी। यदि सामान्य निरीक्षण के दौरान ही बोर्ड को ध्यान से देखा जाता, तो इस गलती को समय रहते सुधारा जा सकता था।
निर्माण से लेकर निरीक्षण तक उठे सवाल
इस मामले में सवाल यह भी है कि बूथ का निर्माण कराने, बोर्ड तैयार करने और उसे स्थापित करने की प्रक्रिया के दौरान संबंधित जिम्मेदारों की नजर इस त्रुटि पर क्यों नहीं पड़ी। क्या बोर्ड की लिखावट की जांच के लिए कोई व्यवस्था थी या फिर बिना समुचित सत्यापन के ही उसे लगा दिया गया? इन सवालों का जवाब संबंधित विभाग की ओर से ही स्पष्ट किया जा सकता है।
हालांकि, बोर्ड पर हुई इस गलती के लिए जिम्मेदार व्यक्ति या विभाग की भूमिका को लेकर अभी किसी आधिकारिक कार्रवाई अथवा स्पष्टीकरण की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में मामले में किसी की लापरवाही को अंतिम रूप से जिम्मेदार ठहराने से पहले संबंधित पक्ष का जवाब भी महत्वपूर्ण होगा।
अब सुधार का इंतजार
नए यातायात पुलिस बूथ पर नाम की गलत वर्तनी सामने आने के बाद अब बोर्ड को दुरुस्त किए जाने की जरूरत है। संबंधित विभाग को चाहिए कि वह गलती को जल्द ठीक कराए, ताकि सार्वजनिक स्थान पर सही नाम प्रदर्शित हो और भविष्य में इस तरह की त्रुटियों से बचा जा सके।
फिलहाल, पांडेयपुर चौराहे पर बने नए यातायात बूथ का बोर्ड एक छोटी-सी दिखने वाली, लेकिन बुनियादी जांच से जुड़ी चूक को उजागर कर रहा है। अब देखना होगा कि संबंधित जिम्मेदार इस गलती को कितनी जल्दी सुधारते हैं और बोर्ड लगाने से पहले जांच की प्रक्रिया को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।



