Varanasi

रोहनिया में बेखौफ चल रहा करोड़ों का जुआ अड्डा: आकाश सिंह ‘मोनू’ के इस जुए के अड्डे पर कब होगी कार्यवाही?

सिगरा में जुए के बड़े अड्डे पर कार्रवाई के बाद रोहनिया के कथित सिंडिकेट पर उठे सवाल, तो क्या स्थानीय पुलिस के संरक्षण में चल रहा है यह काला कारोबार 

 नीरज सिंह, वाराणसी 

 

 

~ सिगरा में बड़ी कार्रवाई के बाद रोहनिया पर नजर कब?

~ क्या रोहनिया में भी बड़े स्तर पर जुए की शिकायतों की जांच होगी?

~ रोहनिया में कथित जुआ गतिविधियों को लेकर स्थानीय पुलिस संरक्षण के लग रहे आरोप 

~ क्या स्थानीय पुलिस को इसते बड़े जुए के अड्डे के बारे में जानकारी nahi?

~ बड़ा सवाल यह है कि अगर रोहनिया में जुआ संचालित होने की शिकायतें पुलिस तक पहुंच रही हैं, तो कार्यवाही क्यों नहीं?

 

वाराणसी। सिगरा थाना क्षेत्र के रथयात्रा इलाके में SOG-2 और स्थानीय पुलिस की बड़ी कार्रवाई के बाद वाराणसी में कथित जुआ गतिविधियों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। बुधवार को की गई कार्रवाई में पुलिस ने 47 लोगों को गिरफ्तार किया और कुल ₹21.11 लाख नकद बरामद किया।

इस कार्रवाई ने यह जरूर दिखाया कि पुलिस की विशेष टीम शिकायतों और सूचना के आधार पर लंबे समय तक निगरानी कर बड़े स्तर पर संचालित जुए के अड्डे तक पहुंच सकती है। रिपोर्टों के मुताबिक SOG-2 ने कार्रवाई से पहले कई दिनों तक रथयात्रा स्थित मकान की निगरानी की थी।

इसी कार्रवाई के बाद अब रोहनिया क्षेत्र में कथित तौर पर संचालित बताए जा रहे जुआ नेटवर्क को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों की ओर से एक कथित सिंडिकेट और उससे जुड़े लोगों के बारे में दावे किए जा रहे हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की ओर से भी इस कथित नेटवर्क को लेकर कोई आधिकारिक कार्रवाई या पुष्टि सामने नहीं आई है।

इसी क्रम में कुछ लोगों ने पुलिस संरक्षण के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि किसी पुलिसकर्मी या अधिकारी पर संरक्षण देने का आरोप बिना आधिकारिक जांच या ठोस साक्ष्य के तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। ऐसे आरोपों की निष्पक्ष जांच ही यह स्पष्ट कर सकती है कि कहीं स्थानीय स्तर पर लापरवाही हुई या किसी तरह का संरक्षण था।

अब निगाह इस बात पर है कि वाराणसी पुलिस रोहनिया क्षेत्र में जुए से जुड़ी शिकायतों की भी उसी गंभीरता से जांच करती है या नहीं, जिस तरह SOG-2 ने सिगरा में कार्रवाई की। यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो जिम्मेदार लोगों पर कानून के अनुसार कार्रवाई और यदि आरोप निराधार हों तो उसकी भी स्पष्ट जानकारी सामने आनी चाहिए।

सिगरा की कार्रवाई के बाद पुलिस कमिश्नरेट स्तर पर जुआ और अन्य संगठित अपराधों के खिलाफ विशेष निगरानी की बात पहले भी सामने आई है। 31 अगस्त को पुलिस कमिश्नर ने जुआ, लॉटरी और सेक्स रैकेट से जुड़ी समस्याओं से निपटने के लिए SOG-2 के पुनर्गठन की जानकारी दी थी।

 

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