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चाइनीज मांझे से सुनील कुमार नागपुरी की मौत पर अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, परिजनों को 1 करोड़ मुआवजा देने की मांग

सुनील नागपुरी की मौत पर अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, परिजनों को ₹1 करोड़ मुआवजे और घायलों को आर्थिक सहायता की मांग।

रिपोर्ट: वीरेंद्र पटेल, संवाददाता, वाराणसी।

 

वाराणसी। चाइनीज मांझे से सुनील कुमार नागपुरी की मौत के मामले में अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। वाराणसी के जिलाधिकारी कार्यालय स्थित डीएम पोर्टिको में आयोजित धरने के दौरान अधिवक्ताओं ने मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने और चाइनीज मांझे की बिक्री व इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की।

प्रदर्शन के बाद अधिवक्ताओं ने एसीएम तृतीय विजय कुमार त्रिवेदी को पांच पन्नों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में चाइनीज मांझे से जान गंवाने वाले मृतकों के परिजनों और घायलों को आर्थिक सहायता देने के साथ ही इसकी रोकथाम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की गई।

डीएम पोर्टिको में अधिवक्ताओं ने किया प्रदर्शन

बनारस बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय और अधिवक्ता गौतम कुमार झा के नेतृत्व में अधिवक्ता दोपहर करीब दो बजे डीएम पोर्टिको पहुंचे। उनके हाथों में चाइनीज मांझे के खिलाफ संदेश लिखी तख्तियां थीं। तख्तियों पर ‘टूट न जाए सांसों की डोर, सावधान काशी के लोग’ और ‘सुनील कुमार नागपुरी अमर रहें’ जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शन में शामिल अधिवक्ताओं ने चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग करते हुए नारेबाजी की।

मृतकों के परिजनों को एक करोड़ मुआवजा देने की मांग

अधिवक्ताओं की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में चाइनीज मांझे से जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की गई है। इसके अलावा, मांझे से घायल लोगों को उनकी चोट और नुकसान के अनुसार 50 हजार रुपये से दो लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देने की मांग भी शामिल है। ज्ञापन में कृतिका की मौत का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, 30 अगस्त 2020 को चाइनीज मांझे से हुई दुर्घटना में उनकी मृत्यु हुई थी।

चाइनीज मांझे की बिक्री रोकने में जवाबदेही तय करने की मांग

प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि चाइनीज मांझे की अवैध खरीद-फरोख्त पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। उन्होंने प्रशासन से इसकी बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि चाइनीज मांझे की रोकथाम में असफल रहने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर जवाबदेही तय की जाए और लापरवाही प्रमाणित होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

एसीएम तृतीय ने लिया पांच पन्नों का ज्ञापन

ज्ञापन सौंपने के लिए एसीएम तृतीय विजय कुमार त्रिवेदी करीब तीन बजे धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने अधिवक्ताओं से ज्ञापन प्राप्त किया। अब इस मामले में जिला प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर नजर रहेगी।

प्रदर्शन में ये अधिवक्ता रहे शामिल

प्रदर्शन में नित्यानंद राय, गौतम कुमार झा, सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री सुरेंद्र पांडेय, पूर्व अध्यक्ष मुरलीधर सिंह, मनीष कुमार सिंह उर्फ लड्डू, राजेश कुमार सिंह, राजेश कुशवाहा, रोहित कुमार मौर्य, अभय सिंह, मोहित सिंह, शशिकांत दुबे, विजय शंकर यादव, जगदीश नारायण, अंकित पांडेय, देवेंद्र सिंह देव और प्रहलाद तिवारी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे।

 

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