
आरिफ़ अंसारी, वाराणसी
वाराणसी। कमिश्नरेट वाराणसी के थाना लंका पुलिस ने आरक्षी अमित शुक्ला को गोली मारने की घटना से जुड़े अवैध असलहा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही अवैध असलहा निर्माण से जुड़े ठिकाने का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर तीन देसी पिस्टल, 143 जिंदा कारतूस, 24 खोखा कारतूस तथा अवैध हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनें, औजार और अन्य सामग्री बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमन कुमार मिश्रा (22), निवासी मूल रूप से देवरिया और हाल पता डाफी, लंका, वाराणसी तथा विमल कांत झा (55), निवासी भेलूपुर और हाल पता शिवाजी नगर कॉलोनी, सामने घाट, लंका के रूप में हुई है। दोनों को 31 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया गया।
सीडीआर और सर्विलांस से मिला अहम सुराग
पुलिस का कहना है कि आरक्षी अमित शुक्ला को गोली मारने की घटना के बाद से ही आरोपियों के अन्य साथियों और उनके ठिकानों की तलाश की जा रही थी। इसके लिए मुखबिर तंत्र, सीसीटीवी फुटेज, साइबर और सर्विलांस की मदद ली जा रही थी। इसी दौरान मुख्य आरोपी अंजनी नंदन झा की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के विश्लेषण में एक संदिग्ध मोबाइल नंबर सामने आया।
पुलिस के मुताबिक, इस नंबर का इस्तेमाल अमन कुमार मिश्रा कर रहा था। पूछताछ में अमन ने अंजनी नंदन झा से करीबी संबंध होने और पहले अवैध असलहों व कारतूसों की सप्लाई तथा पैसों के लेन-देन में सहयोग करने की बात बताई। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस टीम उसे लेकर शिवाजी नगर कॉलोनी, सामने घाट स्थित किराये के मकान पर पहुंची।
किराये के मकान से हथियार और निर्माण सामग्री बरामद
पुलिस के अनुसार, मकान की तलाशी के दौरान तीन देसी पिस्टल .32 बोर, 143 जिंदा कारतूस, 24 खोखा कारतूस, 19 अर्धनिर्मित हथियार और बैरल, छह मैगजीन तथा बड़ी संख्या में हथियार निर्माण से संबंधित उपकरण और सामग्री बरामद हुई। बरामदगी में ग्राइंडर, ड्रिल और वेल्डिंग मशीनों सहित कई तरह के औजार भी शामिल हैं।
मौके पर मौजूद विमल कांत झा से पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि उसने मकान में अवैध हथियार और कारतूस रखने तथा उनके निर्माण और बिक्री से जुड़े काम में सहयोग करने की बात स्वीकार की। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों को आयुध अधिनियम की संबंधित धाराओं में गिरफ्तार कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पहले भी तीन आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस पहले ही अंजनी नंदन झा, राज विश्वकर्मा और बिहार के गोपालगंज निवासी राजू तिवारी को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने अंजनी नंदन झा को गिरोह का कथित सरगना बताया है। अब अमन मिश्रा और विमल कांत झा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और अवैध हथियारों की सप्लाई के संभावित संपर्कों की जांच कर रही है।
कई मुकदमे दर्ज, पुलिस टीम को मिली सफलता
पुलिस विज्ञप्ति के अनुसार, इस प्रकरण से जुड़े मामलों में लंका और भेलूपुर थानों में बीएनएस तथा आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी और बरामदगी की कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक राजकुमार के नेतृत्व में लंका पुलिस टीम ने की। अभियान में रमना, बीएचयू और संकटमोचन चौकियों के पुलिसकर्मियों के साथ सर्विलांस सेल की टीम ने भी सहयोग किया।
पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बरामद हथियारों और निर्माण सामग्री के संबंध में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरोह के अन्य संभावित संपर्कों और अवैध असलहा सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी है।




