
चंदन सिंह, चंदौली
चन्दौली (कंन्दवा): पं. श्रीनिवास द्विवेदी महाविद्यालय, अरंगी में रविवार दोपहर भूमि बचाओ संघर्ष समिति के आयोजन में बरहनी ब्लॉक के चार दर्जन से अधिक गांवों से सैकड़ों किसान शामिल हुए। महापंचायत का मुख्य मुद्दा विंध्य लिंक एक्सप्रेसवे का कर्मनाशा नदी के किनारे से गुजरना और उसके चलते उपजाऊ जमीनों का अधिग्रहण था। किसानों ने एक स्वर में कहा कि वे अपनी जमीनें एक्सप्रेसवे के लिए किसी भी हालत में नहीं देंगे और आवश्यकता पड़ी तो अंतिम दम तक सड़कों पर उतरकर संघर्ष करेंगे।
महापंचायत में किसानों ने बताया कि विंध्य लिंक एक्सप्रेसवे बरहनी ब्लॉक के उन गांवों से होकर गुजरेगा जिनकी जमीनें अत्यधिक उपजाऊ हैं और जिन्हें स्थानीय लोग ‘धान का कटोरा’ कहते हैं। किसान नेताओं दीनानाथ श्रीवास्तव और रतन सिंह ने कहा कि उपजाऊ जमीनों के बीच से लिंक एक्सप्रेसवे बनाना क्षेत्र के किसानों के साथ अन्याय होगा और इससे किसान भूमिहीन हो जाएंगे। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि परियोजना से किसानों की जान-माल व आजीविका को खतरा है।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि अधिकारी दबाव बनाकर अधिग्रहण की कार्रवाई करते हैं तो वे शांतिपूर्ण और सशक्त विरोध सहित सभी विकल्पों का सहारा लेंगे। महापंचायत के दौरान अध्यक्ष सुमंत सिंह अन्ना, संचालक अशोक यादव के साथ बिजयशंकर सिंह, राजकुमार सिंह, गोलू यादव, अपरबल शर्मा, बबलू पांडेय सहित कई स्थानीय किसान मौजूद रहे और उन्होंने सामूहिक निर्णय लिया कि जमीनों की रक्षा के लिए सभी मिलकर आगे बढ़ेंगे।
सरकारी नोटिस या अधिकारियों की प्रतिक्रिया अभी नहीं मिली है। किसान नेताओं ने मीडिया और प्रशासन दोनों से अपील की है कि परियोजना के प्रभावी सर्वे और विस्तृत परामर्श के बिना किसी भी अधिग्रहण की कार्रवाई न की जाए।




