वाराणसी में बिजली मरम्मत कार्य में बाधा का आरोप: खंभे लगाने पहुंचे मजदूरों को दारोगा ने भगाया, ग्रामीणों का धरना
सलारपुर-दीनापुर में आंधी से गिरे थे खंभे; विरोध के बाद पुलिस निगरानी में हुआ काम, बहाल हुई बिजली आपूर्ति

आरिफ़ अंसारी, वाराणसी
वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र अंतर्गत सलारपुर-दीनापुर इलाके में आंधी-बारिश से क्षतिग्रस्त बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने पहुंचे बिजली विभाग के कर्मचारियों को एक दारोगा द्वारा कथित तौर पर धमकाकर भगाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने धरना शुरू कर दिया।
दो दिन पहले आई तेज आंधी और बारिश के कारण सलारपुर क्षेत्र में कई बिजली के खंभे गिर गए थे, जिससे दर्जनों गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। इसके बाद बिजली विभाग के अधिकारी और ठेकेदार नए खंभे लगाने के लिए मौके पर पहुंचे थे।
स्थानीय पार्षद हनुमान प्रसाद के अनुसार, जब जेई और ठेकेदार की टीम खंभे लगाने का कार्य कर रही थी, तभी गैर जनपद में तैनात दारोगा बाबू सोनकर मौके पर पहुंचे और कथित तौर पर मजदूरों को डांट-फटकार कर वहां से भगा दिया, जिससे काम बाधित हो गया।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण पार्षद के साथ मौके पर पहुंच गए और दारोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। इससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
सूचना पर सारनाथ पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। स्थानीय लोगों के विरोध के बाद पुलिस की निगरानी में बिजली के नए खंभे लगवाए गए, जिसके बाद क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।
ग्रामीणों का आरोप है कि दारोगा बाबू सोनकर ने पुलिस की मौजूदगी में भी लोगों को धमकाने की कोशिश की, हालांकि जनता के विरोध के चलते उनकी कोशिश सफल नहीं हो सकी। पार्षद का कहना है कि इस व्यवहार से क्षेत्र में भय का माहौल बन गया है।
बताया जा रहा है कि करीब एक माह पहले दारोगा के सगे भाई, इंस्पेक्टर विनोद सोनकर को प्रयागराज में एंटी करप्शन टीम ने 75 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था, जो फिलहाल जेल में बंद हैं।
स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित दारोगा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों और सरकारी कार्यों में बाधा न आए।



