बीएचयू में ‘वसुंधरा’ सांस्कृतिक कार्यक्रम और संगोष्ठी के साथ मनाया गया राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस
छात्रशक्ति के सामर्थ्य और संकल्प का प्रतीक है राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस: डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी

रिपोर्ट: धनेश्वर साहनी।
वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के स्थापना दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अभाविप बीएचयू इकाई द्वारा विश्वविद्यालय के के. एन. उडुपा सभागार में ‘वसुंधरा’ सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें छात्र-छात्राओं ने भारतीय संस्कृति और युवा चेतना से ओत-प्रोत शानदार प्रस्तुतियाँ दीं।
युवा शक्ति ही राष्ट्र की सबसे बड़ी पूँजी: मुख्य अतिथि
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. गुरुदेव प्रसाद सिंह ने युवाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा, “विद्यार्थी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं। यदि युवाओं में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक संवेदनशीलता और सेवा का भाव विकसित हो जाए, तो भारत को विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता।” उन्होंने छात्रों से समाज के प्रति अपनी ज़िम्मेदारियों को निभाने की अपील की।
विकसित भारत का आधार बनेगा आज का छात्र: डॉ. सोलंकी
विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस मात्र एक आयोजन नहीं, बल्कि छात्रशक्ति के सामर्थ्य, संगठन और राष्ट्र के प्रति संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि परिषद अपने स्थापना काल से ही छात्रहित, शैक्षणिक गुणवत्ता और राष्ट्र निर्माण के लिए काम कर रही है। आज का विद्यार्थी ही आने वाले समय में विकसित भारत की नींव बनेगा।
चरित्र निर्माण ही शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आयुर्वेद संकाय के संकाय प्रमुख प्रो. प्रदीप कुमार गोस्वामी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ रोज़गार पाना नहीं, बल्कि चरित्रवान और उत्तरदायी नागरिकों का निर्माण करना है। वहीं, अभाविप बीएचयू के इकाई अध्यक्ष पल्लव सुमन ने कहा कि यह दिवस युवाओं को स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर देता है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा सबका मन
संगोष्ठी के साथ-साथ ‘वसुंधरा’ कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों ने संगीत, नृत्य और लोक कलाओं के माध्यम से भारतीय संस्कृति की विविधता को मंच पर जीवंत किया। इन प्रस्तुतियों को उपस्थित शिक्षकों और शोधार्थियों ने खूब सराहा। कार्यक्रम के समापन पर अभाविप बीएचयू इकाई के इकाई मंत्री अनुराग तिवारी ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान भारी संख्या में विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोध छात्र और अभाविप के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




