
~ निर्माणाधीन एयरपोर्ट टर्मिनल पर लगा विशेष टीबी जांच कैंप, 190 श्रमिकों की हुई स्क्रीनिंग
~ एआई युक्त हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन से एयरपोर्ट निर्माण स्थल पर श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच
~ राज्य क्षय रोग अधिकारी ने किया कैंप का निरीक्षण
वाराणसी, 13 मई 2026। आज बुधवार को लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन के निर्माण स्थल पर 100 दिवसीय विशेष क्षय रोगी खोजी अभियान के तहत एक विशेष स्वास्थ्य कैंप का आयोजन किया गया।
कैंप का आयोजन और लक्षित लाभार्थी
यह स्वास्थ्य कैंप अहलूवालिया कंस्ट्रक्शन साइट पर लगाया गया, जहां बड़ी संख्या में निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों ने स्वास्थ्य जांच कराई। कैंप का मुख्य उद्देश्य निर्माण कार्य से जुड़े मजदूरों की स्वास्थ्य समस्याओं का समय रहते पता लगाना और उन्हें तत्काल उपचार उपलब्ध कराना है।
जांच सुविधाएं और अत्याधुनिक तकनीक
कैंप में चिकित्सकों की टीम द्वारा श्रमिकों का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। आवश्यक दवाओं का निशुल्क वितरण भी किया गया।
मुख्य जांचें शामिल थीं:
– ब्लड प्रेशर (बीपी)
– ब्लड शुगर
– हीमोग्लोबिन
– टीबी स्क्रीनिंग के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युक्त हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन
इस अत्याधुनिक मशीन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह एक मिनट से भी कम समय में टीबी स्क्रीनिंग कर सकती है, जिससे बड़ी संख्या में लोगों की जांच तेजी से संभव हो रही है।
अब तक की उपलब्धियां
एयरपोर्ट प्रशासन, अहलूवालिया कंस्ट्रक्शन कंपनी, वर्किंग स्टाफ और सिक्योरिटी स्टाफ के सहयोग से अब तक कुल 190 लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है।
कैंप के दौरान 5 बलगम (स्पुटम) सैंपल एकत्र किए गए, जिन्हें आगे नाट (NAAT) जांच के लिए भेजा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यदि किसी व्यक्ति में टीबी की पुष्टि होती है तो उसे तुरंत उपचार और नियमित निगरानी में लिया जाएगा।
कैंप का निरीक्षण और उपस्थित अधिकारी
कैंप स्थल पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव की चिकित्सकीय टीम आवश्यक औषधियों के साथ मौजूद रही।
कैंप का निरीक्षण राज्य क्षयरोग अधिकारी डॉ. ऋषि सक्सेना ने किया। निरीक्षण के दौरान जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. पीयूष राय और एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से एपीएचओ श्री जीतेश भी उपस्थित रहे।
डॉ. ऋषि सक्सेना, राज्य क्षयरोग अधिकारी ने कहा:
“प्रदेश सरकार द्वारा संचालित 100 दिवसीय विशेष क्षय रोगी खोजी अभियान का उद्देश्य टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। एआई आधारित हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन आधुनिक तकनीक का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसकी मदद से कम समय में अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग संभव हो रही है।”
डॉ. राजेश प्रसाद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया:
“अगले सप्ताह से दो अतिरिक्त हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों की सहायता से जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य एवं टीबी स्क्रीनिंग कैंप आयोजित किए जाएंगे।”
यह कैंप टीबी उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, खासकर उन श्रमिकों के लिए जो निर्माण जैसे श्रमसाध्य कार्य में लगे रहते हैं और स्वास्थ्य सुविधाओं से अक्सर वंचित रह जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि निर्माणाधीन एयरपोर्ट साइट समेत पूरे जनपद में टीबी को समय रहते नियंत्रित किया जाए।




