वाराणसी में ‘शिवा स्वरांजलि’ का भव्य आगाज़, बनारस क्लब में दिव्यांग सेवा और सुर साधना का अनोखा संगम
ओम शिवा फाउंडेशन की अनोखी पहल; आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर कलाकारों के हुनर को तराशने का संकल्प, बनारस क्लब में जुटे शहर के गणमान्य लोग।

रिपोर्ट: वीरेंद्र पटेल।
वाराणसी। सांस्कृतिक नगरी काशी के प्रसिद्ध बनारस क्लब में बुधवार को ओम शिवा फाउंडेशन द्वारा आयोजित “शिवा स्वरांजलि” कार्यक्रम का भव्य और गरिमामय शुभारम्भ किया गया। यह अनूठा आयोजन दिव्यांगजनों की निस्वार्थ सेवा, संगीत के प्रति गहरे समर्पण और सुरों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि का एक अद्भुत उदाहरण बनकर उभरा। इस वर्ष के कार्यक्रम को संगीत जगत की लीजेंड स्वर्गीय आशा भोसले ताई की पावन स्मृति को समर्पित किया गया।
छिपी हुई प्रतिभाओं को मिलेगा मंच
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वाराणसी और इसके आस-पास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के ऐसे प्रतिभाशाली गायकों को एक बड़ा और सम्मानित मंच प्रदान करना है, जो बेहतरीन हुनर होने के बावजूद आर्थिक तंगी, सामाजिक बंधनों या अन्य विपरीत परिस्थितियों के कारण आगे नहीं बढ़ पाते हैं। “शिवा स्वरांजलि” के जरिए ऐसे सभी कलाकारों के हुनर को न सिर्फ पहचाना जाएगा, बल्कि उन्हें संगीत उद्योग में आगे बढ़ने के उचित अवसर भी दिए जाएंगे।
संगीत है समाज को जोड़ने का जरिया
इस भावुक और संगीतमय अवसर पर ओम शिवा फाउंडेशन के आयोजकों ने अपने विचार साझा करते हुए कहा, “संगीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज की दूरियों को मिटाने, लोगों को आपस में जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का सबसे सशक्त माध्यम है।” फाउंडेशन ने संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक और सांस्कृतिक मंच तैयार करते रहेंगे, जिससे समाज में सेवा, समर्पण और परोपकार की भावना को और मजबूती मिल सके।
सुरमई शाम में भावुक हुआ बनारस
बनारस क्लब में आयोजित इस कार्यक्रम में काशी के कई नामचीन कलाकार, समाजसेवी, संगीत प्रेमी और भारी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कलाकारों की एक से बढ़कर एक शानदार प्रस्तुतियों और कार्यक्रम के भावनात्मक माहौल ने वहां मौजूद हर शख्स को मंत्रमुग्ध कर दिया और इस शाम को हमेशा के लिए यादगार बना दिया।




